पीलीभीत: पुलिस ने किया हत्या की घटना का खुलासा - Khabar NonStop
पीलीभीत। यूपी के पीलीभीत जिले में पुलिस एक हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाने में कामयाब हुई। पिछले माह 13 नवम्बर को एक युवक की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गयी थी और शव को नेशनल हाईवे 74 पर सड़क किनारे झाड़ियों में फेक दिया गया था। इस मामले में नामजद पाँच लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ कराया गया था। जिसका आज पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा किया है।
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क्या है पूरा मामला
दरअसल मामला थाना जहानाबाद क्षेत्र के हुसैनपुर निवासी मोतीराम का है। जो अपने किसी रिश्तेदार को देखने लखनऊ जाने के लिए 13 नवम्बर को घर से निकले थे। जिनकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी और शव नेशनल हाईवे 74 पर सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। इस मामले में थाना जहानाबाद में नामजद पाँच लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ कराया गया। और पुलिस मामले की जाँच में जुट गयी थी।
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जाँच में नामजद आरोपी बेगुनाह
यहाँ पुलिस जब हत्या के मामले की जाँच में जुटी तो जिन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ कराया गया उनमे से एक अभियुक्त मंगली प्रसाद की लोकेशन कानपुर पायी गयी। जिससे नामजद अभियुक्तों की संलिप्ता में संदेह हुआ। तो घटना को सही दिशा में लाने व घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा प्रभारी सर्विलांस रेहान खाँ व प्रभारी साइवर सेल संदीप तोमर की एक टीम गठित की गयी। गठित टीम द्वारा मृतक मोतीराम का मोबाइल सिम घटना के अगले दिन यानि 14 नवम्बर को किसी दूसरे फ़ोन में चलता पाया गया। जब उस फ़ोन की जानकारी की गयी तब मोबाइल फ़ोन अकील निवासी सरदार नगर थाना जहानाबाद का होना पाया गया। जब पुलिस ने अकील के जरिये इस घटना के मुख्य अभियुक्त छोटे लाल जो कि मृतक भाई है और इस मुक़दमे का वादी भी है। पुलिस ने जब इस मामले में गहनता से पूछताछ की तो हैरान कर देने वाली बात सामने आई कि जिन पाँच लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ कराया गया वो सभी बेगुनाह है और वादी ही छोटेलाल ही अपने भाई का हत्यारा साबित हुआ। छोटेलाल ने अपने अन्य साथियो अकील शाह और फूल सिंह की मदद से अपने भाई मोतीराम की हत्या की थी।
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क्या कहना है पुलिस अधीक्षक का
पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि हत्यारोपी छोटेलाल से जानकारी ली गयी जिसमे सन् 1990 में छोटेलाल के द्वारा गाँव के ही डोरीलाल की हत्या की गयी थी। इस मामले उसको आजीवन कारावास हो चूका था। तथा अपील पर रिहा हुए थे। इसका मामला उच्च न्यायालय इलाहाबाद में चल रहा है। छोटेलाल ने बताया कि गाँव के फूल सिंह व् सरदारनगर के अकील शाह के साथ उसका उठना-बैठना था। जिनको उसने अपने भाई मोतीराम की हत्या करने के लिए पचास हजार रूपए देने की बात कह कर राजी किया था। बह अपने भाई से इस बात को लेकर काफी नाराज था क्योकि उसके मुक़दमे की पैरवी में कोई रूचि नहीं ली। और उसने अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर सरकारी नौकरी में लगवा दिया। इसलिए मोतीराम की हत्या की साजिश रच कर अपने मुक़दमे के वादी परिवार के पाँच लोगो पर झूठा नामजद मुकदमा दर्ज़ कराया था।
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ये हुए गिरफ्तार और पुलिस ने बरामद किया आला हथियार
पुलिस ने इस मामले में अकील शाह और छोटेलाल को गिरफ्तार कर लिया है। बही अभी फूलसिंह अभी भी फरार है। पुलिस जल्द ही उसकी गिरफ़्तारी की बात कह रही है। पुलिस ने अकील शाह से मृतक मोतीराम का मोबाइल फ़ोन और छोटेलाल से 1 तमंचा 12 बोर का बरामद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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