हाफिज सईद की रैली में फिलिस्तीन राजदूत, भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया - Khabar NonStop
रावलपिंडी। पाकिस्तान के रावलपिंडी में 26/11 के आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफ़िज़ सईद के साथ फिलिस्तीनी राजदूत वलीद अबु अली ने मंच साझा किया। पाकिस्तान में फिलिस्तीन के राजदूत वलीद अबु अली ने आतंकी हाफिज सईद की रैली में सार्वजनिक रूप से उपस्थित हुए। भारत ने शुक्रवार को जेहादी समूहों द्वारा आयोजित रैली में फिलीस्तीन के राजदूत के सम्मिलित होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। नई दिल्ली ने संयुक्त राष्ट्र के संकल्प का समर्थन करने के कुछ दिन बाद ही इसराइल की राजधानी के रूप में यरूशलेम को पहचान देने के अमेरिकी निर्णय की निंदा की।
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हाफिज की रैली में फिलीस्तीनी राजदूत
Ambassador of Palestine to Pakistan Waleed Abu Ali attends a large rally organized by the Difah-e-Pakistan Council in Liaquat Bagh in Rawalpindi – seen with JUD chief Hafiz Saeed http://pic.twitter.com/d8UXLFK8Mm
— omar r quraishi (@omar_quraishi) December 29, 2017
पाकिस्तान में फिलीस्तीनी राजदूत वलीद अबु अली की तस्वीरें, सईद के साथ मंच साझा करते हुए और रावलपिंडी के लीकावत बाग में डिफा-ए-पाकिस्तान परिषद द्वारा आयोजित रैली को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर शुक्रवार वायरल हो गयी। यह रैली यरूशलम पर अमेरिकी कदम की निंदा करने के लिए आयोजित की गई थी। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने इसपर नाराज प्रतिक्रिया व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, “हम इस मामले को नई दिल्ली में फिलिस्तीनी राजदूत और फिलिस्तीनी अधिकारियों के साथ दृढ़ता से उठा रहे हैं।”
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भारत के विदेश मंत्रालय को करारा झटका
बयान में कहा गया कि फिलिस्तीनी राजदूत रैली में देखा गया था। मंत्रालय ने कहा, ‘जमात-उद-दावा के प्रमुख और मुंबई आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद के द्वारा आयोजित रैली में फिलिस्तीनी राजदूत को देखा गया था।’ अधिकारियों ने कहा कि निंदनीय शब्दों का डीमार्च फिलीस्तीनी सरकार को भेजा जाएगा। फिलिस्तीनी राजदूत की इस हरकत से विदेश मंत्रालय को करार झटका लगा है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरिका के खिलाफ वोट करके बहुत पछतावा कर रहा है। हाल ही में अमेरिका द्वारा यरूशलम को इजराइल की राजधानी घोषित किये जाने पर संयुक्त राष्ट्र संघ में 127 राष्ट्रों के साथ भारत ने भी उसके विरोध में मतदान किया था। भारत ने इस वोट के द्वारा एक महत्वपूर्ण सहयोगी इजराइल का विरोध किया था।
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यरूशलम मुद्दे पर आयोजित हुई थी रैली
रावलपिंडी में डिफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल (डीपीसी) द्वारा आयोजित “ताहफुज बैतुल मक्कादा” रैली में कई जेहादी नेता शामिल हुए थे। इस रैली का मकसद यरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के अमेरिकी निर्णय की निंदा करना था। रैली में हजारों लोगों ने भाग लिया, जिसमें जमात-उद-दावह के सदस्य भी शामिल थे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें दिखाती हैं कि फिलीस्तीनी दूत सईद के बगल में बैठा था और बड़ी सभा को संबोधित कर रहा था। सईद सहित सभा में कई वक्ताओं ने कश्मीर मुद्दे को भी संदर्भित किया और भारत विरोधी टिप्पणियां कीं। सईद ने भी मुस्लिम राष्ट्रों को यरूशलम की रक्षा में कार्य करने के लिए कहा। गौरतलब हो, डीपीसी 2012 में हाफिज सईद और अन्य उग्रवादियों द्वारा बनाई गई 40 चरमपंथी और जिहादी समूहों का समूह है। यह भारत और अमेरिका के साथ संबंधों को तोड़ने के लिए लंबे समय तक प्रचारकरता आ रहा है।
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