भोपाल गैस त्रासदी: आधा शहर रहेगा गम में, सरकार करेगी तमाशा - Khabar NonStop
भोपाल। 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के मामले का प्रतिनिधित्व कर रहे संगठन ने शुक्रवार को केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार पर जमकर गुस्सा निकाला। संगठन ने कहा 3 दिसंबर को सरकार मैराथन आयोजित करके इस घटना की 33वीं वर्षगांठ की ‘उपेक्षा’ कर रही है। संगठन ने कहा पूरा शहर दुर्घटना का शोक मनायेगा और सरकार उल्लास के साथ ‘भोपाल रन’ का आयोजन करने में व्यस्त होगी। गैस त्रासदी में घायल हुए या मौत से बचे लोगों के पांच संगठनों के नेताओं ने दोनों सरकारों को पीड़ितों के साथ जानबूझकर उपेक्षा के लिए और घटना के जिम्मेदार अमेरिकी कंपनियों के साथ मिलीभगत के लिए निंदा की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार ने उचित स्वास्थ्य देखभाल के लिए जीवित लोगों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।
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पीड़ितों को चिढ़ायेगा ये आयोजन
गोल्डन पर्यावरण पुरस्कार विजेता रशदा बी और भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचरी संघ के अध्यक्ष ने कहा, “जब पूरा भोपाल अपने प्रियजनों की मौत का शोक करेगा, तब राज्य सरकार डीजे, संगीत और जुंबा नृत्य के साथ भोपाल में एक तमाशा का आयोजन करेगी। यह सरकार में अमानवीयता की हद को दर्शाता है।”
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सरकार अपने वादे से पीछे हटी
भोपाल गैस पीड़ित निरसृष्ट पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने कहा, “राज्य सरकार ने पीड़ितों के लिए कम से कम 5 लाख मुआवजा सुनिश्चित करने और आपदा के विधवाओं को आजीवन पेंशन प्रदान करने के अपने वादे से कदम पीछे हटा लिया है।” भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नवाब खान ने कहा, “केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सीधे प्रधानमंत्री के अधीन है, जो त्रासदी के आरोपी डॉव केमिकल को पिछले तीन साल में भोपाल अदालत में पेश करने में नाकाम रही है।”
आयोजित होगा मशाल जुलूस
भोपाल ग्रुप ऑफ इन्फोर्मेशन एंड एक्शन के सतीनाथ सारंगी ने कहा कि पांच संगठनों ने संयुक्त रूप से 2 दिसंबर को एक मशाल प्रकाश जुलूस के आयोजन का निर्णय किया है। 3 दिसंबर को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के लिए एक मार्च का आयोजन किया जाएगा।
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