अस्थमा या दमा: जानिये इस गंभीर बीमारी के लक्षण और उपाय - Khabar NonStop
अस्थमा एक बहुत ही गंभीर बीमारी हैं। यह बिमारी व्यक्ति की श्वास नलिकाओं में होती हैं। श्वास नलिकाएं वे नलिकाएं हैं जो मानव शरीर के फेफड़ों से जुडी होती हैंऔर इन नलिकाओं के द्वारा ही कोई भी मनुष्य सांस ले पाता हैं। जब किसी व्यक्ति के गले की सांस लेने वाली नलिकाओं में कोई रोग हो जाता हैं। जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती हैं, वह लगातार खांसने लगता हैं, उसकी सांसे फूलने लगती हैं। तो यह रोग “दमा” कहलाता हैं।
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दमा के लक्षण
- श्वास नालिकाओं में सुजन होने से ये नलिकाएं संकुचित हो जाती हैं. जिससे फेफड़ों में वायु कम जाती हैं और सांस लेने में बहुत ही परेशानी होती हैं।
- अस्थमा से पीड़ित मनुष्य की सांस फूलने और सांस बिल्कुल न आने की शिकायत भी रहती है।
- अस्थमा होने पर मनुष्य की श्वास नलिकाओं में सुजनआ जाती हैं. सुजन के कारण ही श्वास नलिकाएं बेहद संवेदनशील हो जाती हैं। जिसका परिणाम यह होता हैं कि यदि इन नलिकाओं से कोई खाद्य पदार्थ हल्का सा स्पर्श हो जाता हैं तो व्यक्ति बेचैन हो जाता हैं, दमा होने पर इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को छाती में कडापन महसूस होता हैं।
- दमा होने का मुख्य लक्षण हैं खांसी होना, नाक बजना।
- इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को सुबह और रात के समय सांस लेने में बहुत ही दिक्कत होती हैं।
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स्थायी रूप से रोग को दूर करने के लिए उपाय
- रोगी को प्रयत्नपूर्वक दिन रात अधिक से अधिक दायां स्वर (अर्थात दाहिने नथुने से सांस का निकलना या सूर्य स्वर) चलाने का अभ्यास करना चाहिए।
- भोजन ग्रहण करते समय और भोजन करने के पश्चात दायाँ स्वर (सूर्य स्वर) चलायें।
- भोजन के बाद 15-20 मिनट बायीं करवट लेकर दाहिना स्वर चलायें।
- जब गर्मी अधिक हो और लू लगने लगे तो बायां स्वर चलाना चाहिए तो कितनी भी गर्मी हो लू नहीं लगेगी।
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