sss

; //]]>

सुप्रीम कोर्ट में राममंदिर केस की निर्णायक सुनवाई आज से शुरू, पढ़ें इस मामले में कब क्या हुआ.. - Khabar NonStop

Ram Janmabhoomi

नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च न्यायालय में आज मंगलवार से अयोध्या के विवादित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की अहम सुनवाई शुरू होगी। यह सुनवाई बाबरी मस्जिद के विध्वंस की 25वीं वर्षगांठ से ठीक एक दिन पहले शुरू होगी। मामले की करवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच करेगी। यह बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मद्देनजर रखते हुए दोनों पक्षों की दलीले सुनेगी।

अगली दीपावली से पहले बनेगा राम मंदिर: सुब्रमण्यम स्वामी

होगी सबसे बड़ी कागजी कारवाई

सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अब तक की सबसे बड़ी कागजी कारवाई भी करेगी। दरअसल इस मामले में सुनवाई में कुछ दस्तावेज रोड़ा बन रहे थे। हजारों पन्नों के अदालती दस्तावेज अंग्रेजी भाषा में अनुवादित नहीं हो सके थे। इसके अनुवाद की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार को दी गयी थी। सरकार ने अनुवाद पूरा कर लिया है। सभी पक्षकारों ने मिलकर हिन्दी, पाली, उर्दू, अरबी, पारसी, संस्कृत आदि सात भाषाओं के अदालती दस्तावेजों का 12 हफ्ते में अंग्रेजी अनुवाद किया है।

“ये”होना इस बात का संकेत है कि शुरू हो गया अयोध्या राम मंदिर निर्माण

पढ़ें कब क्या हुआ..

Ram Janmabhoomi

कारसेवकों द्वारा देश भर से इकठ्ठा की गयी ईंटें

इतिहासकारों के मुताबिक 1528 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का निर्माण हुआ।

1949- मस्जिद में गुप्त रूप से भगवान राम की मूर्ति रखी गयी।

1984- मंदिर निर्माण की एक कमेटी का हुआ गठन।

1959- निर्मोही अखाड़ा ने इस विवादित स्थल को स्थानांतरित करने की अर्जी दी।

1961- में यूपी सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ने कब्जे के लिए अपील की।

1986- विवादित स्थल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।

1986- बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन।

1990- लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में रथयात्रा की शुरुआत।

1991- रथयात्रा का असर, उत्तर प्रदेश में बीजेपी सत्ता में। मंगाई गई देश भर से ईंट।

6 दिसंबर, 1992- कार सेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद का विध्वंस। देश भर में सांप्रदायिक दंगा। पुलिसिया कारवाई में लोगों की मौत। अस्थाई राम मंदिर बना।

16 दिसंबर, 1992- विवादित ढांचा विध्वंस के लिए जांच कमेटी एमएस लिब्रहान आयोग बना।

1994- इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में मामले की सुवाई शुरू।

4 मई, 2001- स्पेशल जज एसके शुक्ला ने बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित 13 नेताओं को किया आरोप मुक्त।

1 जनवरी, 2002- तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा अयोध्या विभाग शुरू किया गया।

1 अप्रैल 2002- इलाहबाद हाईकोर्ट में मालिकाना हक़ को लेकर कारवाई शुरू।

5 मार्च 2003- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को कोर्ट द्वारा खुदाई का निर्देश।

22 अगस्त, 2003- खुदाई की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गयी। मस्जिद के नीचे मंदिर के मिले प्रमाण।

सितंबर 2003- हिन्दू नेताओं के खिलाफ कारवाई शुरू।

जुलाई 2009- 17 साल बाद लिब्राहन आयोग ने सौंपी रिपोर्ट। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दी गयी रिपोर्ट।

26 जुलाई, 2010- हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने फैसला किया सुरक्षित। आपसी हल से मामले को सुलझाने की दी नसीहत।

28 सितंबर 2010- इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को रोकने की कोशिश। सुप्रीम कोर्ट ने अपील की ख़ारिज।

30 सितंबर 2010- इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला। विवादित हिस्सा तीन भाग में बांटा गया। एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े को मिला।

9 मई 2011- सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक।

21 मार्च 2017- सर्वोच्च न्यायालय ने आपसी सहमती बनाने का दिया निर्देश।

19 अप्रैल 2017- लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस चलाने का दिया गया आदेश।

9 नवंबर 2017- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने की मुलाकात, दिया बड़ा बयान। राममंदिर बनाने की दी सलाह।

16 नवंबर 2017- आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने मध्यस्थता करने की कोशिश की, कई पक्षों से हुई मुलाकात।

अयोध्या में योगी ने चलाया राम मंदिर का तीर, बोले आपसी सौहार्द से हो मंदिर निर्माण



from Latest News in Hindi http://ift.tt/2nsSG57

Comments

Popular posts from this blog

Happy New Year 2018 ki Shubhkamnaye, Message, SMS, Images, Quotes, shayari, Greetings In Hindi

चीन ने कर दिखाया सच, बनाई अनाेखी ‘सड़क’.. गाड़ियां चलने से पैदा होगी बिजली !!

विवाहिता ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या - Khabar NonStop