अगर आपकी कुंडली में भी है ये योग, तो आप भी बन सकते है करोड़पति
ज्योतिष डेस्क। अगर किसी भी व्यक्ति के भविष्य से जुड़ी बातें जानने के लिए कुंडली का अध्ययन किया जाता है और उन्हीं के आधार पर आगामी कल की भविष्यवाणी भी की जा सकती है। कुंडली में बारह भाव होते हैं। इनमें स्थित सभी नौ ग्रह अलग-अलग योग बनाते हैं। ग्रहों की स्थिति और अन्य ग्रहों के साथ युति के आधार पर ही व्यक्ति के सुख-दुख और धन संबंधी मामलों पर विचार किया जाता है। जानकारी के लिए हम आपको बता रहे हैं कुंडली के 5 ऐसे खास योग, जो धन संबंधी बातों का खुलासा करते हैं…
जन्म कुंडली का दूसरा घर या भाव धन का होता है। इस भाव से धन, खजाना, सोना-चांदी, हीरे-मोती आदि बातों पर विचार किया जाता है। साथ ही, इस भाव से यह भी मालूम हो सकता है कि व्यक्ति के पास कितनी स्थाई संपत्ति रहेगी। ये हैं इस भाव से जुड़े कुछ योगज् जिस व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय भाव पर शुभ ग्रह स्थित हो या शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो ऐसे व्यक्ति को बहुत धन प्राप्त हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के द्वितीय भाव में बुध हो तथा उस पर चंद्रमा की दृष्टि हो, तो वह व्यक्ति हमेशा गरीब होता है। ऐसे लोग कठिन प्रयास करते हैं, लेकिन धन एकत्र नहीं कर पाते हैं।
अगर कुंडली के द्वितीय भाव में किसी पाप ग्रह की दृष्टि हो, तो वह व्यक्ति धनहीन हो सकता है। ये लोग कड़ी मेहनत के बाद भी पैसों की तंगी का सामना करते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय भाव में चंद्रमा स्थित हो तो वह बहुत धनवान होता है। उसके जीवन में इतना धन होता है कि उसे किसी भी सुख-सुविधा को प्राप्त करने में अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता है।
यदि जन्म कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा स्थित हो और उस पर नीच के बुध की दृष्टि पड़ जाए तो उस व्यक्ति के परिवार का धन भी समाप्त हो जाता है। यदि कुंडली में चंद्रमा अकेला हो तथा कोई भी ग्रह उससे द्वितीय या द्वादश न हो तो व्यक्ति आजीवन गरीब ही रहता है। ऐसे व्यक्ति को आजीवन अत्यधिक परिश्रम करना होता है, परंतु वह अधिक पैसा नहीं प्राप्त कर पाता। यदि जन्म पत्रिका में सूर्य और बुध द्वितीय भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति के पास पैसा नहीं टिकता।
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