भाभी को मां समान मानता था देवर, लेकिन घरवालों ने…
इंटरनेट डेस्क। बिहार के गया जिले एक अनोखा मामला देखने को मिला है। यहाँ 2 बच्चों की मां अपने देवर को बेटे जैसा प्यार देती थी, लेकिन एक मजबूरी के चलते उससे शादी करने को तैयार हो गई। देवर भी भाभी को मां समान मानता था और उसे यह शादी भी मंजूर न थी। शादी के 4 घंटे बाद ही उसने आत्महत्या कर ली। भाभी के पहले पति की मौत चार साल पहले हो गई थी। 12 दिसंबर को वह सुहागन बनी, लेकिन ठीक चार घंटे बाद ही उसकी मांग का सिंदूर उजड़ गया। भाभी अपने देवर से इसलिए शादी को तैयार हो गई थी ताकि घर में उसकी जगह बनी रहे। उसके सिर से छत न छीन लिया जाए।
मां की मौत के बाद भाभी रखती थी ख्याल…
महादेव जब सात साल का था तब उसके सबसे बड़े भाई सतीश की शादी हुई थी। कुछ साल पहले महादेव की मां की मौत हो गई। मां की मौत के बाद बड़ी भाभी रूबी ही महादेव का ख्याल रखने लगी। रूबी के मायके के लोग उसकी दुबारा शादी कराना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने महादेव के पिता चंद्रशेखर दास पर 80 हजार रुपए देने का प्रेशर बनाया था। परिजनों की मांग थी कि या तो महादेव के पिता 80 हजार रुपए दें या अपने बेटे से रूबी की शादी कराएं। पंचायत में चंद्रशेखर 80 हजार रुपए देने की जगह अपने बेटे से बहू की शादी कराने को तैयार हो गया।
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