भगवान राम के हाथों से भी हुआ था एक कन्या का वध, जानिए कौन थी वो…
इंटरनेट डेस्क। मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम जो महिलाओं की बहुत इज्जत करते थे, उन्होंने एक गंधर्व कन्या का वध कर दिया। ऐसा भगवान राम ने क्यों किया, इसके पीछे क्या कारण था आइए एक कथा के माध्यम से जानते हैं इसके बारे में…..
पौराणिक कथा के अनुसार, जब ऋषि विश्वामित्र शक्तियों को प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या कर रहे थे। तब राक्षसों ने उनके इस यज्ञ को भंग करने के लिए अनेक बार प्रयास किया। अपने यज्ञ को पूरा करने के लिए उन्हें राजा दशरथ से सहायता लेनी पड़ी और वे राजा दशरथ के दो पुत्र राम और लक्ष्मण को अपने साथ वन में ले गए।
जब वन में यज्ञ को भंग करने के लिए ताडका ने उन पर आक्रमण किया तो भगवान राम ने ताडका के साथ आए सभी राक्षसों को अपने तीरों से नष्ट कर दिया। परन्तु ताडका एक स्त्री थी और भगवान राम एक स्त्री का वध करके महापाप नहीं करना चाहते थे। इसी कारण जैसे ही ताडका उनके सामने आती तो धनुष-बाण से निशाना साधते हुए श्री राम के हाथ कांप उठते।
जब ऋषि विश्वामित्र ने भगवान राम को विवश देखा तो उन्होंने राम को प्रेरित किया और ऋषि विश्वामित्र की प्रेरणा से राम ने ताडका का वध किया। आपको बता दें कि राक्षस रूप में ताडका एक गंधर्व कन्या थी और वह श्राप के कारण राक्षसी बन गई थी। जैसे ही श्री राम ने तड़का को मारा तो उसका उद्धार हो गया और वह स्वर्ग लोक को चली गई।
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