जब भी में किसी दूल्हे की बारात देखता हूं तो…
जब भी किसी दूल्हे की बारात देखता हूं…
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तो मुझे “जीसस
काइस्ट्र” के अन्तिम वचन याद आते हैं…
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“हे ईश्वर… इसे क्षमा करना…
ये नही जानता… ये क्या करने जा रहा है..!!”
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कल रात को इतनी धुंध थी ।
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आँगन में ही खड़े होकर 2 गोल्ड फ्लैक फूंक दी किसी को पता ही नहीं चला !!
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