पहली बार झारखंड में हुई चुंबन प्रतियोगिता 18 जोड़ों ने लिया हिस्सा - Khabar NonStop
भारतीय में सार्वजनिक तौर पर किस (चुंबन) करना आम तौर पर बहुत बड़ी चीज मानी जाती है जिसे लोग बुरा मानते हैं। वहीं एक आदिवासी समाज ने एक इस सोच को पीछे छोड़ते हुए चुंबन प्रतियोगिता का आयोजन किया।
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जानें इस प्रतियोगिता के बारे में
यह प्रतियोगिता झारखंड के तालपहाड़ी गांव में लगने वाले मेले में हुई। इसमें सबसे लंबे समय तक चुंबन करने वाले तीन जोड़ों को पुरस्कृत किया गया। विधायक साइमन मरांडी एवं प्रो स्टीफन मरांडी की मौजूदगी में हुई यह प्रतियोगिता सिदो-कान्हू मेले में आकर्षण का केंद्र रही। इस क्षेत्र में पहली बार हुई चुंबन प्रतियोगिता को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
18 जोड़ों ने लिया हिस्सा
झारखंड में पहली बार आयोजित ऐसी प्रतियोगिता में 18 जोड़ों ने हिस्सा लिया। इन्होंने हजारों लोगों के सामने निःसंकोच होकर अपनी-अपनी पत्नी को चूमा। इसमें सबसे लंबे समय तक चुंबन करने वाले तीन जोड़ों को पुरस्कृत किया गया।चुंबन प्रतियोगिता का आयोजन लिट्टीपाड़ा के विधायक साइमन मरांडी ने अपने पैतृक गांव तालपहाड़ी में लगने वाले डुमरिया मेले में कराया था। मरांडी का कहना है कि आदिवासी प्यार का इजहार करने में संकोची होते हैं, इसीलिए प्रेम और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता करवायी गयी।
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ये था कारण
उन्होंने बताया कि अपने दिल की बात न बता पाने के कारण आदिवासियों में पिछले कुछ वर्षों से पति-पत्नी के बीच झगड़े और तलाक के मामले बढ़े हैं। पढ़े-लिखे ना होने के कारण आदिवासी अपने परिवार को सामाजिक ढांचे में ढाल नहीं पाते हैं। इससे उनके व्यवहार और पारिवारिक रिश्ते कमजोर हो जाते हैं। इस तरह की प्रतियोगिता उनके मन के संकोच को दूर करेगी।
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