MRP पर बेची जाने वाली चीजों के दाम घटे - Khabar NonStop
नई दिल्ली। अपने ग्रॉसरी बिल को बुधवार से ज्यादा ध्यान से देखना शुरू करें। जो चीजें मैक्सिमम रिटेल प्राइस पर बेची जाती हैं। जैसे चॉकलेट, टूथपेस्ट, शैंपू, वॉशिंग पाउडर और शेविंग क्रीम कई प्रॉडक्ट्स के दाम घट जाएंगे। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि इन्हें जीएसटी (गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स) के सबसे ऊंचे 28% रेट स्लैब से 18% स्लैब में लाया जाएगा। ग्रॉसरी बिल के साथ साथ अपने रेस्तरां के फूड बिल को भी अच्छे से चेक करें, क्योंकि रेस्तरां बिल को भी 12% और 18% के स्लैब से निकालकर 5% के दायरे में रखा गया है।
कंपनियों ने क्या सूचना दी
अपने ट्रेड चैनल में इन सेक्टरों की कंपनियों ने यह सूचना देनी शुरू कर दी है कि टैक्स कट का फायदा कंज्यूमर को तुरंत दिया जाए। क्योंकि नया स्टिकर प्रिंट करने या रिवाइज्ड स्टिकर लगाने में वक्त लगेगा। आपको बता दें मैक्सिमम रिटेल प्राइस में टैक्स वाला हिस्सा भी होता है, अगर कोई कंपनी किसी प्रॉडक्ट का बेस प्राइस या डिस्ट्रीब्यूटर और डीलर का मार्जिन बढ़ाने का फैसला न करे, तो उसका दाम नीचे आना चाहिए।
कंपनियां स्टिकर लगाएं या दाम प्रिंट कराएंसरकारी अधिकारी ने कहा, ‘कई प्रॉडक्ट्स एमआरपी कैटेगरी में हैं, लिहाजा कंपनियों या तो स्टिकर लगाएं या नए दाम प्रिंट कराएं।’ पिछले शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल ने अपनी 23वीं बैठक में करीब 200 उत्पादों पर टैक्स रेट घटा दिया था। जिसमें 178 को 28% वाले स्लैब से 18% वाले स्लैब में डाल दिया गया था।
नए रेट्स लागू
राज्यों और केंद्र ने इस संबंध में नए रेट्स मंगलवार आधी रात से लागू किए इसके साथ ही नोटिफिकेशंस भी जारी किया। पीडब्ल्यूसी के इनडायरेक्ट टैक्स पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, ‘अच्छा है कि जीएसटी काउंसिल ने एक खास तारीख से बदलाव लागू करने का निर्णय किया है। क्योंकि पहले के कुछ मामलों में विभिन्न राज्यों ने अलग-अलग तारीखों पर अधिसूचनाएं जारी की थीं। समय की कमी की वजह से अधिकतर कंपनियां प्रॉडक्ट्स के एमआरपी तुरंत नहीं घटा पाएंगी, लेकिन उन्होंने डीलरों और रिटेलरों से कहा है कि कीमतें कम की जानी चाहिए।’
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