नाहरगढ़ किले में लटकता मिला शव, ऐसा विरोध सही नहीं:करनी सेना - Khabar NonStop
जयपुर। पद्मावती फिल्म का विरोध इस कदर आगे बढ़ चुका है की लोग मरने-मारने पर उतर आए हैं। बता दें की जयपुर के नाहरगढ़ किले में एक युवक का शव लटका मिला है। शव के पास पत्थर पर लिखा गया है, ‘पद्मावती का विरोध, हम पुतले नहीं जलाते, लटकाते हैं।’
कश्मीर: लेह में मौसम की सबसे ठंडी रात
पुलिस को मिली सूचना
वहीं जब जयपुर पुलिस को इस घटना की सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन अब तक शव को उतारा नहीं गया है। सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस हत्या और आत्मह्तया दोनो एंगल से मामले की जांच कर रही है।
करणी सेना का बयान
शव मिलने के बाद करणी सेना के प्रमुख ने लोकेंद्र कालवी ने कहा, ”जो कुछ हुआ वो बहुत गलत है। लोग जिस तरह आक्रोशित हो रहे हैं जोश में होश खो रहे हैं, उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए। हम इसका किसी भी तरह से समर्थन नहीं करते। ऐसा विरोध बिल्कुल गलत है।”
शीना बोरा हत्याकांड: इंद्राणी मुखर्जी पर लगे ये आरोप
लोकेंद्र कालवी का कहना
इस घटना पर लोकेंद्र कालवी का कहना है की ”ये घटना पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण है। करणी सेना के लोग इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि फिल्म में पद्मावती की छवि को गलत तरीके से दिखाया गया है।”
पत्थर पर लिखा था
बता दें की शव के पास पत्थर पर तांत्रिक चेतन राघव लिखा हुआ है। मलिक मोहम्मद जायसी के महाकाव्य पदमावत में तांत्रिक चेतन का जिक्र है। तांत्रिक चेतन राघव चित्तौड़गढ़ के राजा रतनसेन के दरबार में हुआ करता था।
पेट्रोल-डीजल की जगह अब कॉफ़ी से चल रही गाड़ियाँ, मिलता है उतना ही पॉवर
कौन था ये तांत्रिक
दरअसल एक बार उसकी तंत्र विदया से आहत होकर राजा ने उसे दरबार से बाहर कर दिया था और देश निकाला दे दिया था। तांत्रिक ने पूर्णिमा की रात पहले ही तंत्र विद्या से पूर्णिमा का चांद दिखा दिया था। इससे पंडितों के साथ साथ राजा रतनसेन भी नाराज हुए थे जो तंत्र विदया के खिलाफ थे। देश निकाले के बाद तांत्रिक चेतन राघव उलाऊद्दीन खिलजी के दरबार में पहुंचा था। वहां उसने खिलजी को रानी पदमावती की सुंदरता का बखान किया था। उसके बाद ही खिलजी की रानी पदमावती को पाने ही इच्छा जाग्रत हुई थी और उसने चित्तौड़गढ़ के किले पर हमला किया था।
from Latest News in Hindi http://ift.tt/2A4NybN
Comments
Post a Comment