कम उम्र में बालों का सफेद होना बन सकती है बड़ी बिमारी - Khabar NonStop
आजकल बाल सफेद होने की समस्या से न सिर्फ बुजुर्ग बल्कि युवा भी जूझ रहे हैं। बालों के जल्दी सफेद होने की समस्या से युवा आज पीडि़त है। हेयर फॉलिकल्स से छोटी-छोटी मात्रा में हाइड्रोजन परऑक्साइड नामक केमिकल का उत्पादन होता है। हेयर फॉलिकल में मौज़ूद मेलनिन बालों को उनका रंग देता है। इसका कारण ये भी है की उम्र बढऩे ये या तनाव की स्थिति में इसका उत्पादन कम हो जाता है, इस कारण से बालों में सफेदी आ जाती है।
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जानें क्या है इसके पीछे कारण
-थायरॉयड डिसॉर्डर, हाइपोथायरॉयडिज्म व हाइपरथायरॉयडिज्म के कारण भी बालों की रंगत हल्की होने लगती है।
-स्कैल्प में इस तरह के संक्रमण से बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं। इससे बचने के लिए ज़रूरी है कि सफाई का खास ख्याल रखा जाए।
-शरीर में विटमिन बी 12 की कमी के कारण परनीशियस एनीमिया होने की आशंका रहती है, जिससे बाल सफेद होने लगते हैं।
-हड्डियों, त्वचा व स्कैल्प को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित न्यूट्रिशनल आहार लेना बहुत ज़रूरी होता है। खाने में जि़ंक की कमी होने से बाल असमय सफेद होने लगते हैं।
-एनीमिया के कारण शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। इस वजह से भी बाल सफेद हो सकते हैं।
-जो लोग जिंदगी के किसी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हों या काम का बोझ अधिक हो, उनके बाल भी असमय सफेद होने लगते हैं।
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रोकने के उपाय
-हॉर्मोन में हो रहे बदलाव का असर त्वचा व बालों पर ज़रूर पड़ता है।
-स्कैल्प व बालों की सेहत दुरुस्त रखने के लिए ज़रूरी है कि सफाई रखने के साथ ही आहार को भी संतुलित किया जाए।
-इसके लिए जिंक, आयरन, विटमिन बी कॉम्प्लेक्स, प्रोटीन और ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त डाइट लें।
-मशरूम, गाजर, ओट्स, सोयाबीन, खीरा, दही, पत्ते वाली सब्जि़यां, अंडे, बादाम, आंवला, मछली और लो फैट चीज़ को डाइट में वरीयता दें।
बालों को स्वस्थ, सुंदर व आकर्षक बनाए रखने के लिए केमिकल उत्पादों का प्रयोग करने के बजाय प्राकृतिक उत्पादों का इस्तेमाल करें।
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