सुप्रीम कोर्ट बताएगा कौन है दिल्ली का बॉस - Khabar NonStop
दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी ‘आप’ सरकार और केंद्र सरकार के बीच अधिकारों की जंग लगातार चल रही है। अधिकारों की यह जंग अब देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच गयी है। आज इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होनी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला दिया था कि दिल्ली के उपराज्यपाल ही दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती पेश की है।
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मुख्य न्यायाधीश आज करेंगे सुनवाई
दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल की शक्तियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। अहम संवैधानिक मामला होने की वजह से इसे दो न्यायाधीशों की पीठ ने पांच जजों की संविधान पीठ को भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई आज मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पाँच न्यायाधीशों की संविधानपीठ करेगी।
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ये है दिल्ली का स्टेटस
दिल्ली को 239 AA के तहत केंद्र शासित प्रदेश का स्पेशल स्टेटस मिला हुआ है। दिल्ली सरकार एक केन्द्र शासित प्रदेश है अतः सभी तरह की सेवाएं सूची-1 की प्रविष्टिी 70 द्वारा शासित होती है और जिसके कारण ‘सर्विसज’ मामलें दिल्ली सरकार की विधायी शक्तियों से बाहर है। इस मामले में कोई दो राय नहीं है कि दिल्ली सरकार सर्विसज मामलों में कोई दावा नहीं कर सकती। जैसा कि दिल्ली अधिनियम 1991 की धारा 41 से साबित है कि ‘सेवाओं’के मामले में उपराज्यपाल महोदय अपने विवेक के आधार पर निर्णय ले सकते हैं।
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