छात्र-छात्राओं को दाखिला लेने से पहले ऑनलाइन बतानी होगी ये बात - Khabar NonStop
कोरबा। छत्तीसगढ़ के किसी भी महाविद्यालय-विश्वविद्यालय में दाखिला लेने से पहले विद्यार्थियों को अब ऑनलाइन एंटी रैगिंग वचन पत्र भरना अनिवार्य हो गया है। अब प्रदेश भर के सभी छात्र-छात्राओं को दाखिला लेना से पहले लिखित रूप में लिखकर देना होगा कि वे रैगिंग जैसी गतिविधयों में शामिल नहीं होंगे। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से वचन पत्र भरकर भेजना पड़ेगा। एंटी रैगिंग वचन पत्र का फॉर्मेट तैयार किया जा रहा है।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, यूजीसी का सर्कुलर
विश्वविद्यालयों में रैगिंग के बढ़ते केसेस को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)ने सभी महाविद्यालय-विश्वविद्यालयों को सर्कुलर जारी कर लिखा है कि इस प्रक्रिया का पालन करना सभी नवागत विद्यार्थियों को करना होगा। यूजीसी द्वारा एंटी रैगिंग वचन पत्र को ऑनलाइन माध्यम से भेजने की प्रक्रिया की जानकारी को वेबसाइट पर दिखाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी राग्गिन जैसे मामलों पर विश्वविद्यालयों समेत यूजीसी को निर्देश दिया था कि इस पर पूर्ण रूप से रोक लगाये। इस बाबत यूजीसी ने सभी महाविद्यालयों-विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी किया है।
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बिजनेस काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य
रैगिंग का शब्द अधिकांश रूप से भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में प्रयोग किया जाता है। इस शब्द का मतलब है कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वरिष्ठ छात्र नए छात्रों से अपनी बड़ाई प्रकट करने के लिए बहुत ही अपमानजनक रूप से पेश आते हैं, अभद्र हरकतें और अभद्र तरीकों का प्रदर्शन करने पर जोर देते हैं। इसे अपराध की श्रेणी में रखा गया है। रैगिंग को जड़ से ख़त्म करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। रैगिंग जैसी गतिविधियों से बचने के लिए विश्वविद्यालयों में नवागत छात्रों के लिए बिजनेस काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य की गई है।
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