गिलोय के औषधीय गुण रखे रोगों से दूर.. - Khabar NonStop
गिलोय आयुर्वेद में मौजूद सबसे महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों में से माना जाता है और यह भारतीय टीनोस्पोरा (Indian Tinospora) या गुदुची (Guduchi) के रूप में भी जाना जाता है। आयुर्वेद में गिलोय को अमृत बेल भी कहा जाता है क्योंकि न तो यह खुद मरती है और न ही सेवन करने वाले को कोई रोग होने देती है। यह चमत्कारिक जूड़ी-बूटी दस्त जैसे सामान्य से लेकर डेंगू व कैंसर जैसे खतरनाक रोगों में भी बहुत लाभदायक है। चलिए जान लेते हैं इस जड़ी बूटी के फायदे…
एजिंग के लक्षणों से बचाता है मशरूम
- डायबिटिज रोगियों के लिए गिलोय रामबाण दवा है। गिलोय में हाइपोग्लैसेमिक गुण होते हैं जो शारीर में शुगर की मात्रा को संतुलित करते हैं।
- गिलोय का काढ़ा मूत्र विकरों में भी लाभदायक है।
- गिलोय भी एक अडाप्टोजेनिक (adaptogenic) जड़ी बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, यह दोनों मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है।
- गिलोय आंखों की समस्याओं को दूर रखता है और उनकी रौशनी अच्छी करने में भी मदद करता है। गिलोय को पानी में उबालकर आँखों पर लगाने से आँखों से संबंधित समस्याएं दूर हो जाती है।
- गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो खतरनाक रोगों से लड़ने में मदद मिलती है। गिलोय दोनों गुर्दे और जिगर से विषाक्त पदार्थों को दूर करता है और फ्री रेडिकल्स को भी बाहर निकालता है।
- गिलोय का सेवन करने से बदहजमी, कब्ज, गैस, मरोड़ आदि समस्याएं दूर होती हैं और इससे पाचन को बेहतर बनता है।
एरोबिक व्यायाम लाता है याददाश्त और न्यूरोनल हेल्थ में सुधार
from Latest News in Hindi http://ift.tt/2A7DWhh
Comments
Post a Comment