जजों ने की एक अनोखी पहल - Khabar NonStop
बुलंदशहर। बुलंदशहर में जिला जज ने आज विवादों के वैकल्पिक समाधान एवें मध्यस्थता मार्ग पुस्तक का विमोचन आज अपने चैम्बर में किया। पुस्तक विमोचन के उपरान्त जिला जज ने बताया कि इस पुस्तक में विवादों के वैकल्पिक समाधान और मध्यस्थता मार्ग के बारे में लोगों को समझाकर कोर्ट में आने वाले कैसो को समय रहते खत्म कराने पर जोर दिया जायेगा। साथ ही कहा कि पुस्तक को सरल भाषा में लिखा गया हैं, जिससे लोगों को समझने में आसानी रहें। जिससे लोगों में जागरुकता आ सकें।
जानें पूरा मामला
देश में करीब 3 करोड़ मुकदमें कोर्ट में चल रहे हैं। इन मुकदमों को सुनने के लिए देश में पर्याप्त जज नही हैं। कहा कि इन में बहुंत से मुकदमें केवल “अहम” के कारण हैं। ऐसे विवादों को गांव-देहात में बैठकर वैकल्पिक समाधान के माध्यम से लोगो को समझा-बुझाकर खत्म कराये जा सकते हैं। लोगों को जब तक सरल भाषा में नही समझायेंगे वो इस की गहराई नही समझ सकेगें।
लोगों की बातों को सुना
गांव में जाकर लोगों ऐसे लोगों के कैसो को सुना जायेगा जो काफी समय से चल रहे है और वही पर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर उनका निस्तारण भी करा दिया जायेगा। जिला जज ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि अपराधिक प्रकरण न्यायालय में लम्बित हैं और जिन धाराओं के अन्तर्गत हैं। ऐसे वादा को सुलह समझोते के आधार पर दोनो पक्ष तैयार हो जाते है उनका समझौता कर दिया जाता हैं। बताया कि दो से तीन महीन में लोक अदालत लगाकर लोगों के मुकदमों का खत्म कराया जाता हैं।
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मध्यस्ता केन्द्र
कहा कि अगर दो लोगों तैयार हैं तो उनके लिए एक मध्यस्ता केन्द्र (एडीआर सेंटर) बनाया हुआ हैं। जिसमें लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जाता हैं। उन्हे बताया जाता हैं कि आप अगर समझौते के लिए तैयार हो गए तो आप के कितने फायदे होगे और राजी नही होगें तो क्या नुक्सान हो सकते हैं। कहा कि इस में अहम मुख्य हैं, लेकिन लोगो को समझकर उन्हे जागरुक करके समझौत के प्रयास किए।
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