एयरलाइन्स स्टाफ से मारपीट के बढ़ते मामले, जानें क्या हैं एयरलाइन्स के नियम - Khabar NonStop
नई दिल्ली। हाल ही में एक यात्री के साथ इंडिगो एयरलाइन्स के कर्मचारी द्वारा की गयी बदसुलूकी से एयरलाइन्स विवादों की परतें सोशल मीडिया पर खोली जा रहीं हैं। कुछ दिनों पहले बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु से भी एक कर्मचारी ने बदसुलूकी की थी। हाल ही में इंडिगो एयरलाइन्स के एक कर्मचारी ने 53 वर्षीय पैसेंजर से र्मिनल ट्रांसफर बस में चढ़ने को लेकर लड़ाई कर ली थी। जानकारी के लिए बता दें एयरलाइन्स के नियमों के मुताबिक एयरलाइन स्टाफ को किसी भी पैसेंजर से मारपीट या हाथापाई करने की इजाजत नहीं है। नियमों के मुताबिक किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में एयरलाइन्स स्टाफ केवल एयरोड्रम पर मौजूद सिक्युरिटी एजेंसी से इसकी शिकायत कर सकता है न कि किसी यात्री से मारपीट।
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क्या कहते हैं DGCA के नियम
DGCA के नियमों के मुताबिक कोई भी एयरलाइंस स्टाफ या क्रू मेंबर किसी भी हालात में पैसेंजर से मारपीट या हाथापाई नहीं कर सकता है। सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट सेक्शन 3 पार्ट 5 में यह बात उल्लिखित की गयी है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने भी सितंबर 2017 में सर्कुलर जारी कर कहा था कि किसी भी पैसेंजर से परेशानी होने पर एक्शन के लिए एयरलाइन्स को एयरोड्रम पर मौजूद सिक्युरिटी एजेंसी को इन्फॉर्मेशन देनी चाहिए। इस प्रकार से देखा जाये तो इंडिगो एयरलाइन्स के स्टाफ ने पैसेंजर से हाथापाई कर नियमों का उल्लंघन किया है। उसने घटना के बारे में अपने सीनियर्स को अवगत करने के बजाय खुद ही हाथ उठा लिया था।
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एयरलाइन्स कर्मचारी से किसी भी विवाद पर यहाँ करें सूचित
एयरलाइन्स कर्मचारी से किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में यात्री को तुरंत एयरलाइन्स के सिक्योरिटी ऑफिसर्स, एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन इंचार्ज, सीआईएसएफ, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्युरिटी ऑफ इंडिया (BCAS) या एयरपोर्ट ऑपरेटर से प्राइमरी कम्प्लेन करनी चाहिए। आपकी शिकायत के आधार पर कर्मचारी को सजा भी मिल सकती है। आप सीधे DGCA के पास भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आपको sugam@dgca.nic.in ईमेल आईडी मेल करके मामले की शिकायत करनी पड़ेगी।
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ये है एयरलाइन्स का कोड ऑफ कंडक्ट
एयरलाइन्स के कोड ऑफ़ कंडक्ट ‘हैरेसमेंट बाय ए कस्टमर’ को देखें तो इसके मुताबिक किसी भी प्रकार के विवाद पर एयरलाइन्स पाने स्टाफ को विनम्रता से पोएश आने की सलाह देता है। एयरलाइन्स के नियमों के मुताबिक कर्मचारी अपने सीनियर्स से इसकी शिकायत कर सकता है। धमकी, सेक्सुअल कमेंट्स और नस्लभेद जैसे विवादों पर भी एयरलाइन्स अपने कर्मचारियों को विनम्रता से पेश आने की हिदायत देता है।
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दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मामला
15 अक्टूबर 2017, को हुए एक मामले का विडियो वायरल हो गया। इस विवाद में यात्री राजीव कत्याल (53) चेन्नई से आने वाली इंडिगो एयरलाइन्स की फ्लाइट 6ई-487 से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे थे। कात्याल ने विवाद के बारे में कहा, ”मैं प्लेन के शेड के नीचे खड़ा था जब ग्राउंड स्टाफ ने मुझ पर बुरी तरह से चिल्लाना शुरू कर दिया। मैंने उनसे पूछा कि आप तीसरी बस अरेंज क्यों नहीं करते, जिसके लिए हम सभी इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, जब बस आई तो दो लोग ने मेरी तरफ इशारा कर कहा कि इसे सबक सिखाते हैं। उनमें से एक ने मुझे बस के दरवाजे से खींच लिया, फिर मारपीट की।” हालांकि घटना के बाद इंडिगो के प्रेसिडेंट की तरफ से बयां जारी किया गया। बयान में कहा गया, ”मैं मानता हूं कि हमारे पैसेंजर को दिल्ली एयरपोर्ट पर हमारे स्टाफ से बातचीत के दौरान खराब बर्ताव का सामना करना पड़ा। ये हमारे कल्चर का हिस्सा नहीं है, इसलिए मैं निजी तौर पर माफी मांगता हूं। मैंने पैसेंजर से तीन हफ्ते पहले ही पर्सनली बात की थी और अफसोस जताया था।” उन्होंने कहा, ”किसी की भी डिग्निटी को नुकसान पहुंचाना वाला कोई भी काम गंभीर मसला है। मामले की जांच कर रहे हैं।”
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भारत में नो-फ्लाई लिस्ट का नियम तो आया, लेकिन स्टाफ के लिए नियम नहीं
एविएशन मिनिस्ट्री ने बुरा बर्ताव करने वाले पैसेंजर्स को रोकने के लिए नो-फ्लाई लिस्ट का नियम लाया था। सवाल उठता है कि पैसेंजर अगर बुरा बर्ताव करता है तो उस पर तीन महीने से लेकर लाइफटाइम बैन लगाया जा सकता है। लेकिन अगर एयरलाइन स्टाफ या ग्राउंड स्टाफ पैसेंजर से बुरा बर्ताव करे तो उन पर इस तरह का बैन क्यों नहीं लगाना चाहिए? अभी सरकार की तरफ से इस बारे में स्पेसिफिक रूल्स नहीं हैं।
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