प्रधानमंत्री जी! चाइना से मेट्रो लेकर कैसे होगा चलेगा मेक इन इंडिया? - Khabar NonStop
नई दिल्ली। वर्तमान स्थिति में भारत-चीन सीमा पर तनाव है और चीन भारत को निरंतर धमका रहा है। अतः दोनों देशों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति में रेल मंत्रालय ने कोलकाता मेट्रो के लिए चीन से 120 कोच खरीदने का निर्णय लिया है। चीन की जिस कंपनी को ये टेंडर दिया गया है उसने मेट्रो के लिए केवल 7 करोड़ 19 लाख रुपये की कीमत में कोच की सप्लाई का ऑफर दिया है।
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चीन में बने कोच की 14 ट्रेनें खरीदी जायेंगी
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कोलकाता मेट्रो के लिए 120 कोच खरीदे जाएंगे और यह सब फरवरी तक मिल जाएंगे। रेलवे बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने एक ओपन टेंडर प्रक्रिया के तहत सबसे कम दाम पर मिलने वाले मेट्रो रेल कोच के लिए चीन की कंपनी चाइना रेलवे रोलिंग स्टॉक कारपोरेशन लिमिटेड यानी सीआरआरसी को चुना है। रेलवे के एक उच्च अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि फरवरी तक कोलकाता में चीन में बने कोच की 14 ट्रेनें आयात की जाएंगी।
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मुंबई और गुरुग्राम मेट्रो में भी होगा प्रयोग
चीनी मेट्रो डिब्बे की कीमत 7 करोड़ 19 लाख रुपये है। जो निविदा प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में सबसे कम है। इस निविदा में बीएमएल, बम्बार्डियर, अल्स्टॉम, चाइना सदर्न रेलवे आदि नामी गिरामी कंपनियों ने भाग लिया था। सीआरआरसी चीन की रोलिंग स्टॉक बनाने वाली कंपनी है। मुंबई मेट्रो और गुरुग्राम मेट्रो में भी इस कंपनी के कोच इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
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कैसे होगा ‘स्किल इंडिया’
एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के व्यापारियों के सक्षमीकरण हेतु ‘मेक इन इंडिया, स्कील इंडिया’ के समान अभियान आयोजित कर रहे हैं। इस माध्यम से वे भारत को निरंतर प्रोत्साहन देकर स्वदेशी तंत्रज्ञान को विकसित करने के लिए कह रहे है; किंतु कोलकाता मेट्रों के 7 करोड़ 19 लाख रुपएं का कॉन्ट्रॅक्ट चिनी आस्थापन को दिया गया है। इस प्रकार का व्यवहार कर एक प्रकार से प्रधानमंत्री की संकल्पना को ही मिटा देने का प्रयास किया गया है। साथ ही चीन निरंतर भारत को धमकियां दे रहा है। इस स्थिती में चीन को व्यापार का नया दालन खोलकर सामने रखना अत्यंत घातक है। इसके विपरित चीन के उद्दंडता को प्रत्युतर देने के लिए भारत शासन ने चिनी उत्पादों पर बहिष्कार तथा स्वदेशी को प्रोत्साहन यह धोरण अपनाना चाहिए तथा मेट्रों के डिब्बों की निर्मिति का कॉन्ट्रैक्ट त्वरित निरस्त करना चाहिए।
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