‘पैराडाइज पेपर्स’: काला धन छुपाने वाले हुए बेनकाब, भारत के कई बड़े नाम आये सामने - Khabar NonStop
पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी हुई थी इस साल नोटबंदी के साल गिरह से पहेल ही एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद अब ‘पैराडाइज पेपर्स’ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा उसी अख़बार ने किया है जिसने पनामा पेपर्स का खुलासा किया था। पैराडाइज पेपर्स के जरिये विश्व के 180 देशों के कई अमीर और शक्तिशाली लोगों के नाम शामिल हैं जो टैक्सचोरी कर विदेश में कालाधन छुपाते थे। इस खुलासे में कुल 714 भारतीयों के नाम शामिल है और भारत इसमें 19 वें स्थान पर है। इन निवेशकों में ब्रिटेन की महारानी की निजी जागीर भी शामिल है।
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किसने किया खुलासा ?
दरअसल, जर्मनी के जीटॉयचे साइटुंग नामक अखबार ने 18 महीने पहले पनामा पेपर्स का खुलासा किया था। इसी अख़बार ने 96 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर इंटरनैशनल कॉन्सोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने ‘पैराडाइज पेपर्स’ नामक दस्तावेजों की छानबीन की। ‘पैराडाइज पेपर्स’ में 1.34 करोड़ दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें दुनिया के कई अमीर और शक्तिशाली लोगों के गुप्त निवेश की जानकारी दी गई है। ताकतवर और अमीर लोगों ने टैक्स हैवेन माने जाने वाले देशों में अपना पैसा छिपाया था ताकि उन्हें टैक्स न देना पड़े। अब पैराडाइज पेपर्स के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि कैसे ऑफशोर कंपनियों के नाम पर लोग अपना पैसा विदेशों में भेज रहे हैं।
क्या है पैराडाइस पेपर ?
पैराडाइज पेपर्स के जरिए सामने आया है कि, कैसे ऑफशोर कंपनियों के नाम पर लोग अपना पैसा विदेशों में भेज रहे हैं। पैराडाइज पेपर्स में करीब 13.4 मिलियन दस्तावेज हैं जिनमें कई फर्मों और ऐसी फर्जी कंपनियों के नाम हैं जिनके जरिए दुनिया के ताकतवरी लोग अपना पैसा विदेशों में भेजने का काम करते हैं। ये कंपनियां कॉर्पोरेट टैक्स, इनकम टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स जैसे कई प्रकार के टैक्स से बच जाती हैं।
किन बड़ी हस्तियों के नाम आये सामने ?
इस खुलासे में कुल 180 देशों के नाम शामिल हैं। एक अंग्रेजी अख़बार के मुताबिक इस खुलासे में रानी एलिजाबेथ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट के मंत्री और कई हस्तियों के नाम भी शामिल हैं। वहीं, इसमें 714 भारतियों के नाम भी हैं। नामी-गिरामी भारतीयों के अलावा कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं जो छोटे शहरों में रहते हैं।
किन भारतियों के नाम आये सामने ?
714 भारतियों में मोदी सरकार में मौजूदा विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा और बीजेपी के राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर (आरके) सिन्हा के नाम की भी चर्चा है। इसके अलावा संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त का भी नाम इसमें शामिल है। अग्रेजी अख़बार के मुताबिक, मान्यता के अलावा इस लिस्ट में जालंधर के पवितार सिंह उप्पल, कोटा के रवीश भडाना, गाजियाबाद की नेहा शर्मा और मोना कलवानी, हैदराबाद के वेंकटा नरसा रेड्डी अतुनूरी और पार्थ सारथी रेड्डी बंदी, मुजफ्फरपुर से अल्पना कुमारी, अंजना कुमारी और अर्चना कुमारी, मुंबई से दीपेश राजेंद्र शाह के नाम शामिल हैं।
इससे पहले भी हुआ था खुलासा
पैराडाइस पेपर्स से 18 महीने पहले पनामा पेपर्स में खुलासा किया गया था जिसमें 8 कंपनियों का नवाज शरीफ के परिवार के साथ रिश्ता है, जिसके चलते उन्हें अपने पद से हाथ धोना पड़ा। इसे अलावारुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खास दोस्त सर्जेई रोल्दुगिन का भी नाम भी इसमें आया था। साल 2013 में भी ऑफशोर लीक्स के नाम से पहला खुलासा हुआ था. इस खुलासे में कुल 612 भारतीयों के नाम सामने आए थे। बता दें कि, अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस अखबार के मुताबिक, यह बस शुरुआती खुलासा है और अभी ऐसे 40 से ज्यादा बड़े खुलासे और किए किए जाएंगे। शुरुवाती खुलासे में नामचीन हस्तियों के नाम सामने आये हैं। होने वाले और खुलासों में न जाने कितने और ऐसे नाम सामने आयेंगे जो विदेशों में काला धन निवेश करते हैं ताकि टैक्स चोरी से बच जायें।
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