अब गधे भी जेल जाने लगे हैं, जानिए क्या था उनका अपराध? - Khabar NonStop
अब जब यूपी के मुख्यमंत्री क्राइम पर जीरो टॉलरेंस का झंडा थामे आगे बढ़ रहे हैं तो उनकी पुलिस कहाँ पीछे रहने वाली है। यूपी पुलिस अब योगी आदित्यनाथ के एजेंडे से मीलों आगे निकल चुकी है, मतलब पुलिस अब किसी भी कीमत पर अपराधियों को छोड़ने वाली नहीं दिख रही। अगर ऐसे ही सख्ती के साथ यूपी पुलिस गदहों से निपटना जारी रखी तो शायद योगीजी को जानवरों के लिए स्पेशल पुलिस स्क्वाड बनाना पड़ जाये क्यूंकि पुलिस की दिलचस्पी आजम के ज़माने से ही जानवरों में ज्यादा रही है। इस बार पुलिस के गुनाहगार हैं यूपी के गदहे। गुजराती गदहों के बाद अब यूपी के गदहे चर्चा में आये हैं। इस बार पुलिस के गुनाहगार हैं यूपी के गदहे। गुजराती गदहों के बाद अब यूपी के गदहे चर्चा में आये हैं।
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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में सोमवार को एक अलग तरह के अपराधी उरई जेल से बाहर आये। आठ गदहों का एक झुंड जेल अधीक्षक की बागवानी में लगे महंगे ताजे पौधों को निपटाने में जुट गया, बेचारे गधों को क्या पता कि महंगे पौधों को चरना इतना बड़ा अपराध हो जायेगा। चार पैर वाले अपराधियों को अपने अपराध के लिए चार दिन जेल में बिताना पड़ा। बताया जा रहा है कि ये पौधे लाखों रुपये की कीमत के थे।
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यूपी पिलिचे के हेड कॉन्स्टेबल आरके मिश्रा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि, गदहों का ये रोज का हंगामा था। गधों के मालिकों को इस बाबत चेतावनी भी दी थी। लेकिन चेतावनी के बावजूद इनको छोड़ दिया गया। इन गदहों ने बागवानी में लगे कुछ बहुत महंगे पौधों को तोड़ दिया इसके बाद गदहों को हिरासत में ले लिया गया।
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एक स्थानीय राजनेता ने इन अपराधियों के लिए जमानत राशि जमा करवाई जिसके बाद अपराधियों को रिहा किया गया। गधास्वामी कमलेश ने कहा, “मैं अपने गधे को रिहा करने के लिए यहां आया था। उनमें से आठ को चार दिन तक बंद कर दिया गया था।” स्थानीय बीजेपी नेताओं ने घटना की जानकारी मिलते ही पशुओं को अनावश्यक पीड़ा और कष्ट देने की बात पर हंगामा खड़ा कर दिया। पशु क्रूरता का राग अलापते हुए इन नेताओं ने जमकर हंगामा काटा।
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