अब चेक बुक बंद कर सकती है सरकार, डिजिटल ट्रांजैक्शंस को मिलेगा बढ़ावा - Khabar NonStop
नई दिल्ली। देश की अर्थव्यस्था के साथ-साथ नोटबंदी ने पेमेंट के तरीके को भी पूरी तरह से बदल कर रख दिया था। सरकार का एक तर्क नोटबंदी के पीछे था कि देश को लेस कैश इकॉनमी बनाया जाए। सरकार पिछले साल से डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। अब सरकार इस दिशा में एक बड़ा फैसला ले सकती है, जो फैसला चेक बुक खत्म करने का होगा। सरकार का उद्देश्य लेन-देन को पूरी तरह डिजिटल करने का है।
जनरल प्रवीण खंडेवाल ने बताया
कन्फीड्रेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के सेक्रटरी जनरल प्रवीण खंडेवाल ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया था कि, ‘इसकी पूरी संभावना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के लिए सरकार चेक बुक व्यवस्था को खत्म कर दे।’
‘डिजिटल रथ’ की लॉन्चिंग पर खंडेवाल ने इसकी जानकारी दी थी। इस कार्यक्रम को CAIT और मास्टरकार्ड मिलकर चला रहे हैं, इसका उद्देश्य ट्रेडर्स को डिजिटल ट्रांजैक्शंस के तरीके बताना है। तथा कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देना भी है।
व्यापारिक चेक का करते हैं यूज
लेन-देन के लिए अधिकतर व्यापारिक चेक का ही यूज करते हैं। अभी भी 95 प्रतिशत ट्रांजैक्शंस कैश या चेक के जरिए होते हैं। नकद लेन-देन में नोटबंदी के बाद कमी आई और चेक बुक का उपयोग बढ़ गया। इस वित्त वर्ष के अंत तक सरकार ने 2.5 खरब डिजिटल ट्रांजैक्शंस का टारगेट रखा है। और सरकार इस टारगेट को पूरा करने के लिए जल्द ही चेक बुक पर बैन लगा सकती है।
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