बस कुछ ही मिनटों में दिमाग पर असर करने लगती है शराब - Khabar NonStop
आपने देखा होगा शराब पीने के बाद आपने देखा होगा व्यक्ति अपने होश में नहीं रहता है। आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है ?आखिर शराब पीने के बाद ऐसा क्या हो जाता है कि शराब पीने वाला व्यक्ति अपने होश में नहीं रहता है ? तो बता दें कि, शराब हमारे दिमाग को तो नुकसान तो पहुंचाता ही है साथ ही यह तंत्रिका तंत्र को भी खराब कर सकता है। ये हम नहीं बल्कि शोध में ये बात्समने आयी है।
ऐसे कर सकते हैं डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) के खतरे को कम
दरअसल, जर्मनी के हाइडेलबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक एथेनॉल अल्कोहल का बहुत ही छोटा अणु है। यह बहुत ही तेजी से रक्त और पानी में घुल जाता है। इंसान के शरीर में 70 से 80 प्रतिशत पानी होता है इसलिए यह आसानी से पानी में घुलकर पूरे शरीर में फैलते हुए मस्तष्कि तक पहुंच जाता है। सिर में पहुंचते ही एल्कोहॉल दिमाग की न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करता है। यह दिमाग का वह हिस्सा होता है जो सीधे तंत्रिका तंत्र के केंद्र से जुड़ा होता है। जिससे शराब पिए हुए व्यक्ति का दिमाग उसके बस में नहीं होता और सही तरीके से काम भी नहीं कर पाता है। अल्कोहॉल की वजह से न्यूरोट्रांसमीटर तंत्रिका तंत्र को अजीब तरह के संदेश भेजने लगता है। लगातार और ज्यादा शराब पीने वालों के मस्तिष्क को विटामिन बी-1 की आपूर्ति नहीं हो पाती। इस विटामिन की जगह दिमाग में वेर्निक-कोर्साकॉफ सिंड्रोम पनपने लगता है। यही वजह है कि अधिक शराब पीने वालों में डिमेंशिया बीमारी का खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है।
कैंसर रोकने वाली दवाइयां उच्च रक्चाप को करती है नियंत्रण: शोध
from Latest News in Hindi http://ift.tt/2ztGkyY
Comments
Post a Comment