भोपाल: जन-धन योजना के चलते एक व्यक्ति की तीन बार हुई मौत - Khabar NonStop
भोपाल। मध्य प्रदेश के शहडोल में एक व्यक्ति तीन बार मर जाता है या यूँ कहें एक व्यक्ति तीन बार बीमा की धनराशि पाने का दावा करता है। यह अजीब मामला मध्य प्रदेश का है। यहाँ पुलिस ने एक व्यक्ति को तीन बार मृत दिखाकर बीमा का लाभ लेने के मामले को उजागर किया है।
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ये है पूरा मामला
यह सब तब शुरू हुआ जब नवंबर 20, 2016 को नवगाव के आदिवासी बाबादीन बागी का निधन हो गया और उनका मृत्यु प्रमाण पत्र पंचायत द्वारा जारी किया गया। लेकिन 6 दिसंबर, 2016 को उनकी मृत्यु के एक पखवाड़े के बाद, जन धन योजना में प्रधान मंत्री बीमा योजना के तहत उनका बीमा लिया गया था। इसके बाद पुनः पंचायत द्वारा एक नकली मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया और पुनः बीमा की राशी के लिए दावा किया गया। इस प्रमाणपत्र में कहा गया कि बाबादीन की मृत्यु 16 दिसंबर 2016 को हुई।
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पकड़े जाने के बाद भी जारी हुआ मृत्यु प्रमाणपत्र
गोपारु पुलिस के प्रभारी उमा शंकर यादव ने बताया, “10 दिन के भीतर दो बार बीमा क्लेम आने के बाद इस मामले की छानबीन हुई और फर्जी प्रमाणपत्र का मामला प्रकाश में आया।” इसके बाद पुनः दूसरा नकली मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। यादव ने बताया कि “दावा अस्वीकार करने के बाद, धोखेबाज को 20 जनवरी 2017 का एक दूसरा नकली मृत्यु प्रमाण पत्र मिला, और 2 लाख रुपये दावा के रूप में मिला।” इसके बाद, बाबादीन की विधवा, एक बैंक प्रबंधक और गांव के अधिकारियों को धोखाधड़ी के लिए गिरफ्तार किया गया।
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इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
इन चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है – गांव के सचिव प्यारेलाल सिंह, गांव के रोजगार सहाययक जितेंद्र कुमार उपाध्याय, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खारोंदी शाखा के प्रबंधक शामियो रंजन बेहरा और बाबादीन की विधवा शांति बाई।
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