भारत का बढ़ा वर्चस्व, दलवीर भंडारी दूसरी बार बने ICJ के जज - Khabar NonStop
ब्रिटेन की तरफ से चुनाव के उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड की उम्मीदवारी वापस लेने के बाद सोमवार को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में भारत के उम्मीदवार न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी को हेग स्थित विश्व अदालत का जज चुन लिया गया। न्यायमूर्ति भंडारी को संयुक्त राष्ट्र महासभा में 183-193 वोट मिले और सुरक्षा परिषद में अलग-अलग चुनाव हुए और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में न्यूयॉर्क में सभी 15 वोटों को सुरक्षित किया। चुनावों में नाटकीय रूप से घटनाओं के चलते यूनाइटेड किंगडम के उम्मीदवार सर क्रिस्टोफर ग्रीनवुड, दौड़ से पीछे हट गए।
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पहली बार बेंच पर ब्रिटिश सदस्य नहीं
नीदरलैंड के हेग की अंतर्राष्ट्रीय अदालत में भारतीय जज दलवीर भंडारी को मुख्य जज चुना गया है। यह पहली बार होगा जब ब्रिटेन के इतिहास में यूएन के सबसे शक्तिशाली कोर्ट पर ब्रिटिश जज नहीं होगा। यूके संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्यों में से एक है और 1946 में इसकी स्थापना के बाद से बेंच पर यूके का एक प्रतिनिधि हमेशा रहता था। ब्रिटेन के सुरक्षा परिषद और न्यूयॉर्क में महासभा द्वारा एक साथ मतदान के पांच राउंड के बाद, ब्राजील, लेबनान, फ्रांस और सोमालिया के चार न्यायाधीशों को बेंच के लिए चुना गया था। ब्रिटेन के उम्मीदवार सर क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से दलबीर भंडारी का मुकाबला था।
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भारत का बढ़ा प्रभुत्व
सर क्रिस्टोफर, जो कि सुरक्षा परिषद की पहली पसंद थे और भारतीय उम्मीदवार दलवीर भंडारी, जो जनरल असेंबली के वोट में जीते थे। चुनाव में जीत के लिए दोनों निकायों में बहुमत होना जरुरी था। इस चुनाव के लेकिन 12वें दौर में बाजी पलट गयी। हार सामने देखते हुए ब्रिटेन के उम्मीदवार ग्रीनवुड ने खुद को चुनाव से वापस ले लिया। ब्रिटेन की इस चुनाव में हार उसकी विश्वस्तरीय राजनैतिक प्रतिष्ठा पर सवाल के रूप में देखा जा रहा। इसके विपरीत इस जीत को विश्व के सबसे बड़ी लोकतंत्र और बढ़ती अर्थव्यवस्था की अपनी स्थिति के साथ भारत के प्रभुत्व के रूप में देखा जा रहा है।
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