गोरखपुर: BRD अस्पताल में फिर शुरू हुआ मौत का सिलसिला, 48 घंटें में 30 की मौत - Khabar NonStop
गोरखपुर। गोरखपुर के बाबा राघव दास (बीआरडी) अस्पताल में एक बार फिर से मासूमों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। अभी कुछ महीने पहले अस्पताल के बल रोग विभाग में मासूमों की मौत का मामला सामने आया था। मासूमों की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवालिया निशान उठाये गए थे। एक बार फिर से अस्पताल प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। यहाँ पर मासूमों की मौत का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बीआरडी अस्पताल के बालरोग विभाग में बीते 48 घंटों में 55 मासूमों की मौत होने का मामला सामने आया है। मरने वालों में 29 नवजात शामिल हैं।
एक और स्कूल हादसा, मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ कब तक ?
इंसेफेलाइटिस वार्ड के पूर्व प्रभारी ने की मौत की पुष्टि
30 children died within 48 hours at Gorakhpur's BRD Hospital says Professor Dr D.K. Srivastava, Head of the department of Community Medicine http://pic.twitter.com/bkQ0K3YiOY
— ANI UP (@ANINewsUP) November 5, 2017
बीआरडी अस्पताल गोरखपुर के बल रोग विभाग में पुनः मौमों की मौत का मामला सामने आये से हडकंप मच गया है। कई महीनों से जारी मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तक बीआरडी अस्पताल के बल रोग विभाग में कुल 1300 बच्चों की मौत हुई है। इससे अस्पताल प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े किये जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की तरफ से अभी कोई बयान जारी नहीं किया गया है। बाबा राघव दास अस्पताल के इंसेफेलाइटिस वार्ड के पूर्व प्रभारी प्रो. डीके श्रीवास्तव ने बच्चों की मौत की पुष्टि की है। पूर्व प्रभार ने एएनआई से बातचीत में बताया कि, 15 नवजात शिशुओं की उम्र 1 महीने से कम थी।
झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे उत्तर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था
चार दिनों में 55 मौतें
अस्पताल के बालरोग विभाग में बीते चार दिनों के भीतर 55 बच्चों की मौत हुई है। बच्चों की मौत का कारण इंसेफेलाइटिस व अन्य बीमारियां बताई जा रही हैं। गौरतलब हो कि यह अस्पताल देश भर में बच्चों के इलाज के लिए बेहतर माना जाता है। लेकिन यहाँ पर हो रही लगातार मौतों की वजह से इस पर सवालिया निशान उठाये जा रहे हैं। अस्पताल के एनआईसीयू 1 नवम्बर से 3 नवम्बर तक 65 बच्चे भर्ती किये गए थे। वहीं पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में 178 बच्चों को भर्ती किया गया था। इनमें से 48 घंटे के भीतर 30 बच्चों की मौत हो गयी।
गोरखपुर कांड के आरोपी का कोड वर्ड में बात करना पड़ा महंगा
पहले इन पर गिरी थी गाज
अस्पताल में कुछ महीने पूर्व हुई मौतों के बाद प्रशासन ने बीआरडी मेडिकल कालेज के तत्कालीन प्राचार्य डा. राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डा. पूर्णिमा शुक्ला, डा. कफील खान सहित कुल 9 लोगों पर करवाई की थी। इन लोगों को जेल जाना पड़ा। इसके बावजूद बीआरडी मेडिकल कालेज में हर रोज मासूमों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अस्पताल की लापरवाही गरीब को पड़ी भारी
from Latest News in Hindi http://ift.tt/2zlMTTl
Comments
Post a Comment