एड्स जैसी खतरनाक बीमारी में जागरूकता और सतर्कता ही बचाव: डा़ राय
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय एड्स दिवस 1 दिसम्बर की पूर्व संध्या पर आज बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में डा़ एस के राय ने इस जानलेवा बीमारी के संदर्भ में जागरूकता और सतर्कता को ही बचाव बताया। यहां स्थित विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दूसरी और पांचवी ईकाई के संयुक्त तत्वाधान में एड्स जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डा़ एस के राय ने कहा यद्यपि एड्स एक लाइलाज बीमारी है लेकिन जागरूकता के माध्यम से इससे बचा जा सकता है। वर्तमान संदर्भों में नयी नयी बीमारियां पैदा हो रहीं हैं जिनके प्रति जागरूकता ही बचाव है। बीमारियों के प्रति भ्रांतियां दूर करने मे एनएसएस के स्वयंसेवक और विद्यार्थी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए डा़ सी पी पैन्यूली ने कहा आज विज्ञान ने इतनी उन्नति कर ली है कि कोई भी बीमारी लाइलाज नहीं हैं लेकिन एड्स के संदर्भ में वैज्ञानिक अब भी अनुसंधान कर रहे हैं। अंतिम रूप से प्रमाणिक दवा आने तक जागरूकता और सतर्कता से ही इससे बचा जा सकता है। विद्यार्थी, मीडिया, शिक्षक, चिकित्सक और स्वैच्छिक संस्थाएं आपसी तालमेल से लोगों को इस बीमारी से बचा सकते हैं। ‘‘ इस मौके पर डा़ मोहम्मद नईम, डा़ श्वेता पांडेय, डा़ बृजेश सिंह परिहार और एनएसएस के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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