तो ये होता था तब… सनातनी परम्परा की एक प्रथा सती प्रथा
रोचक डेस्क: आपने रोचक खबरे को खूब पढ़ी होगी लेकिन आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे है। जो सुनने में थोड़ी अजीब सी लगती है… हा पर ये खबर है सही। आपके साथ भी कभी ऐसी घटना हो सकती है। ये खबर पढ़कर आप अपनी हंसी को नहीं रोक पाओगे! क्योकि खबर रोचक है। तो चलिए जानते है की हम किस खबर के बारे में बात कर रहे है।
पति की मृत्यु के बाद ही उसकी विधवा को एक कटोरा भांग और धतूरा पिलाकर नशे में मदहोश कर दिया जाता था। जब वह श्मशान की ओर जाती थी, कभी हँसती थी, कभी रोती थी और तो कभी रास्ते में जमीन पर लेटकर ही सोना चाहती थी और यही उसका सहमरण (सती) के लिए जाना था। इसके बाद उसे चिता पर बैठा कर कच्चे बांस की मचिया बनाकर उसमे रखा जाता था।
गौरतलब है की हम आपको बता दे की लोगो को तब डर रहता था कि शायद दाह होने वाली नारी दाह की यंत्रणा न सह सके। चिता पर बहुत अधिक राल और घी डालकर इतना अधिक धुआँ कर दिया जाता था कि उस यंत्रणा को देखकर कोई डर न जाए और दुनिया भर के ढोल, करताल और शंख बजाए जाते थे कि कोई उसका चिल्लाना, रोना-धोना, अनुनय -विनय न सुनने पाए।
The post तो ये होता था तब… सनातनी परम्परा की एक प्रथा सती प्रथा appeared first on Rochakkhabare.
from Rochakkhabare http://ift.tt/2zgzYPF
Comments
Post a Comment