शोध: आकाशगंगा में पुराने तारों की खोज हुई
वाशिंगटन। खगोलविदों ने तारों की जगह और गति का निर्धारण करते हुए हमारी आकाशगंगा के कुछ सबसे पुराने तारों की खोज की है। मानव की तरह तारों का भी जीवन चक्र होता है। वह पैदा होते हैं, जवान होते हैं, बुजुर्ग होते हैं और फिर खत्म हो जाते हैं। अमेरिका की जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बूढ़े तारों पर अपना ध्यान केंद्रित किया। इन तारों को कूल सब-ड्वार्फ्स के नाम से भी जाना जाता है और ये सूर्य के मुकाबले ज्यादा उम्र वाले और ठंडे होते हैं।
द एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में खगोलविदों ने हमारी सौर प्रणाली के पड़ोस में तारों की गणना की कि वहां कितने अल्पवयस्क, जवान और बूढ़े तारे हैं। वैज्ञानिकों का लक्ष्य मुख्य रूप से 200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित तारों पर था जिनके बारे में समझा जाता है कि वे 1,00,000 प्रकाश वर्ष में फैली आकाशगंगा में अपेक्षाकृत निकट हैं। एक साल में प्रकाश द्वारा तय की गई कुल दूरी को एक प्रकाश वर्ष कहा जाता है। इस अध्ययन के मुख्य लेखक वेइ-चुन जाओ ने कहा कि हमारी सौर प्रणाली के पड़ोस में बहुत बड़ी संख्या में वयस्क तारे हैं लेकिन उतनी संख्या में बूढ़े तारे नहीं हैं। इस लिए हमें उन्हें खोजने के लिए आकाशगंगा में और दूर जाना होगा।
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