ग्रीनलैंड का बर्फ आने वाले सो साल में हो जाएगा ख़त्म: विलिस
डेस्क: ग्रीनलैंड में तटीय ग्लेशियरों के चार गुना अधिक पिघलने का खतरा होता है। किसके बारे में वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र के तटीय समुद्री वायुमंडल की मैप के आधार पर बताया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में नासा और कैलिफोर्निया के इरविन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इससे बचने के लिए ग्रीनलैंड के खनन और तटीय समुद्री मछली के बने सर्वाधिक व्यापक व सटीक नक्शे बनाए।
ओएमजी अभियान ने पहली बार ग्रीनलैंड तट के बड़े वर्गों का सर्वेक्षण किया। नए नक्शो में पता चला हैं कि दो से चार गुना अधिक महासागरीय ग्लेशियर ने समुद्र स्तर के नीचे की और 200 मीटर से भी अधिक का विस्तार किया है। ग्रीनलैंड के चारों ओर से पानी आता है उसमे से 182 मीटर तक का पानी आर्कटिक से आता है और अपेक्षाकृत वो काफी ठंडा पानी है।
टीम ने ग्रीनलैंड की कुल मात्रा की बर्फ के लिए अनुमान के लिए नक्शे का इस्तेमाल किया। बर्फ पूरी तरह से पिघल रहा है जो अगले कुछ सौ वर्षों में पूरी तरह पिगल जाएगा। नासा के जेपीएल के ओएमजी प्रमुख अन्वेषक जोश विलिस ने कहा की इन परिणामों से पता चलता है कि ग्रीनलैंड के बर्फ को हमारे अनुमान के अनुसार जलवायु बदलने से अधिक खतरा हो सकता है।”
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