26/11: ‘पापा की याद आने पर उन्हें YouTube पर देख लेती हूं’ - Khabar NonStop
मुंबई। मुंबई में हुए 26/11 के घातक हमलों को आज देश याद कर रहा है। आज इस हमले को पूरे 9 साल हो गये। इस हमले में शहीद हुए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर की बेटी दिव्या सालस्कर आज भी उस घटना को नहीं भुला पा रही हैं। दिव्या सालस्कर एचआर और ट्रेनिंग कंसल्टेंसी चलाती हैं। दिव्या अपने पिता की याद आने पर यूट्यूब का सहारा लेतीं हैं।
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उस दिन घूमने का था प्लान
दिव्या ने एक समाचार पत्र से बातचीत में कहा, “उस दिन मेरा पापा के साथ घूमने जाने का प्लान था। उन्हें अंडे खाना काफी पसंद था, लेकिन मुझे उसकी स्मैल पसंद नहीं थी इसलिए मैं अंदर ही अपने रूम में बैठी थी। एक घंटे तक जब मुझे उनकी आवाज नहीं सुनी तो मैं बाहर आई, तब मुझे पता चला कि फायरिंग होने की सूचना मिलने पर पापा काफी पहले घर से जा चुके हैं।” दिव्या ने बताया, “चूंकि पापा हमेशा ही स्पॉट पर जाते थे इसलिए हम भी अस्पताल जाने के लिए हमेशा तैयार रहते थे लेकिन इसके लिए हम में से कोई तैयार नहीं था।”
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पापा की थी बेस्ट फ्रेंड
दिव्या सालस्कर ने बताया कि उनके पिता बेस्ट फ्रेंड की तरह थे। वह अपने पिता के बेहद करीब थीं। दिव्या ने कहा, “एक बेटी अपने पिता के सबसे करीब होती है। पापा मेरे बेस्ट फ्रेंड थे। अब मैं जब भी उन्हें मिस करती हूं तो यू ट्यूब पर उनके वीडियो देख लेती हूं। मैं उन्हें बात करते और चलते हुए देखती हूं। ये बहुत दर्दभरा है लेकिन इसके जरिए मैं उन्हें सांस लेते और जीते हुए देख पाती हूं।” दिव्या के पिता चाहते थे कि दिव्या मास्टर्स की डिग्री पूरी करें। उन्होनें बताया, “पापा का इस बात पर काफी जोर था कि मैं मास्टर डिग्री तक जरूर पढ़ूं। शायद वो सोचते थे कि मैं उनकी मदद कर सकूंगी।”
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एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहलाना नहीं करते थे पसंद
दिव्या ने बताया कि उनके पिता विजय सालस्कर खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहलाना पसंद नहीं करते थे। दिव्या के मुताबिक, “पापा को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहलाना पसंद नहीं था। वे हमेशा यही कहते थे कि किसी की जान लेना कोई उपलब्धी नहीं है।”
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