स्कूल की दबंगई, फीस दें या स्कूल छोड़ दें.. - Khabar NonStop
मथुरा-शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए प्रशासन ने बहुत सारे इंतजाम किए उसके बावजूद भी स्कूल प्रशासन अपनी मर्जी मनमाफिक फीस वसूली कर रहा है। स्कूल हर बार 30 से 40 % फीस बढ़ाते हैं जिससे परेशान होकरअभिभावकों ने विरोध किया तो देने स्कूल प्रशासन ने स्कूल छोड़ने की धमकी दे डाली।
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यह मामला है मथुरा के थाना हाईवे स्थित नामी सेंट फ्रांसिस स्कूल का है जिसमें आप देख सकते हैं किस तरह लोगों की भीड़ जमा है। यहां कोई मेला नहीं लगा है ये वह लोग हैं जो स्कूल प्रशासन के सामने अपनी फरियाद लेकर आए हैं। मगर इनकी फरियाद सुनने से पहले ही स्कूल प्रशासन सख्त हो गया है और देने लगा धमकी कि मत पढ़ाइए इस स्कूल में और कहीं ले जाइए अपने बच्चों को। मजबूर मां बाप इतना सुनने के बावजूद भी अपने बच्चों को नहीं निकाल पा रहे हैं क्योंकि इस स्कूल को एक अच्छे स्कूल की श्रेणी में माना जाता है। वहीं, फीस का विरोध करने आए अभिभावकों ने बताया की हर साल फीस की वृद्धि कहीं भी इतनी नहीं होती है जितनी कि सेंट फ्रांसिस स्कूल में बढ़ती है। इस स्कूल में 40 से 50% फीस वृद्धि हर साल की जा रही है जबकि सरकार के आदेशानुसार फीस निर्धारित की गई है। ट्यूशन फीस एग्जाम फीस सब देने के बावजूद भी बहुत सारे ऐसे खर्चे बता दिए जाते हैं जिससे अभिभावक भी बच्चों को पढ़ाने को मजबूर हैं। अभिभावकों ने यह भी बताया अगर अपनी मातृभाषा बोल दी जाती है तो 25 रूपए दंड दिया जाता है। अगर आई कार्ड घर पर भूल आय तो उसकी भी दंड के तौर पर पैसे वसूल किए जाते हैं। जबकि पिछले साल 6th की फीस 1200 महीने थी इस वर्ष 1800 रुपए महीने हो गई है। इस से यह प्रतीत होता है कि यह स्कूल सरकार के आदेश और नियमों को ताक पर रखकर धमकी देकर अपने स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं जबकि सरकार ने रोक लगाई थी कि किताबें स्कूल में नहीं मिलेंगे। इसके बावजूद भी खुलेआम स्कूल में ही किताबें बेची जा रही है वह भी मनमाफिक कीमत में। जबकि जो चीज मार्केट में 10 रुपए की मिलती है उसी चीज के लिए स्कूल वाले 50 रुपए वसूलते हैं। क्या यही शिक्षा का स्तर है जहां सरेआम अभिभावकों को धमकी देते हुए लूटा जा रहा है। अब देखना होगा ऐसे स्कूलों के खिलाफ प्रशासन एवं सरकार क्या कार्यवाही करती हैं ?
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