‘मृत’ व्यक्ति को प्रशासन ने दिया जंतर-मंतर से हटने का नोटिस - Khabar NonStop
दिल्ली। 2003 में मृत घोषित कर दिए गए संतोष मूरत सिंह आज भी अपने आप को जिन्दा साबित करने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें दिल्ली प्रशासन ने नोटिस देकर जंतर-मंतर से हटने के लिए कहा है। लेकिन दिलचस्प बात तो यह है कि सरकारी कागजातों में मृत घोषित संतोष को प्रशासन ने किस नाम से नोटिस दिया होगा।
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ये है पूरा मामला
संतोष मूरत सिंह खुद को पांच साल से जिन्दा साबित करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। 2003 में उनके कुछ रिश्तेदारों ने संपत्ति विवाद के चलते उन्हें फर्जी तरीके से मृत घोषित कर दिया था। तब से वह खुद को जिन्दा बताते हुए घूम रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जंतर-मंतर पर धरना कर रहे लोगों को हटाने का आदेश दिया था। उसके बाद से स्थानीय प्रशासन यहाँ धरना कर रहे लोगों को हटाने में लग गया है। इसी सन्दर्भ में प्रशासन ने संतोष को भी जंतर-मंतर से हटने के लिए नोटिस दिया है।
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नोटिस से मिलेगी संतोष को सफलता
प्रशासन से मिली नोटिस से संतोष को अपने आप को जिन्दा शाबित करने में सफलता मिलेगी। उन्होनें कहा कि नोटिस जिन्दा लोगों के नाम से जारी होता है। इस सम्बन्ध में वे वकील से सलाह ले रहे हैं। उन्होनें बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है, इसलिए कुछ संगठनों से भी संपर्क किया है। गौरतलब है कि संतोष बनारस के गांव छितौनी के रहने वाले हैं। वह जनवरी 2012 से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं।
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नाना पाटेकर के यहाँ कर चुके हैं काम
संतोष बताते हैं कि वह मुंबई में अभिनेता नाना पाटेकर के यहाँ काम कर चुके हैं। उन्हें कुछ रिश्तेदारों ने 2003 में संपत्ति विवाद के चलते मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद से वे अपने को जिन्दा साबित करने के लिये इधर उधर भटक रहे हैं।
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