शौचालय घोटाला में जांच अधिकारी ने फर्जी बयान दर्ज कर तैयार की रिपोर्ट - Khabar NonStop
बुलंदशहर। जिले के सनौटा ग्राम प्रधान के खिलाफ चल रही शौचालय घोटाला जांच में जांच अधिकारी द्वारा बिना स्थलीय निरीक्षण किये ही घर बैठकर ग्रामीणों के बयान दर्ज करने का मामला सामने आया है। जांच अधिकारी ने जांच रिर्पोट में जिनके बयान दर्ज करने का दावा किया है उन्हीं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र भेजकर जांच अधिकारी पर फर्जी बयान दर्ज करने का आरोप लगाया है।
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ग्राम सचिव को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया था
कोतवाली क्षेत्र के गांव सनौटा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर ग्राम प्रधान और सचिव पर पुराने शौचालयों पर पुताई कराकर लाखों रुपए के शौचालय निर्माण घोटाला करने का आरोप लगाया था। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान कृष्णपाल सिंह यादव के वित्तीय अधिकारों पर रोक और ग्राम सचिव सुरेन्द्र भाटी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर ग्राम सचिव को बहाल किया गया
इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम ने 18 अगस्त को ग्राम प्रधान के अधिकार और सचिव को बहाल कर दिया था लेकिन डीएम रोशन जैकब ने लोक निर्माण विभाग खण्ड-2 के इंजीनियर गगन सिंह को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा था।
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ग्रामीणों ने कहा हमसे बयान नहीं लिए गए हैं
जांच रिर्पोट में जांच अधिकारी ने 11 सितम्बर 2017 को 16 ग्रामीणों के घर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और बयान दर्ज करने का दावा करते हुए पूर्व में बने शौचालयों की रंगाई पुताई कर घोटाला किये जाने के आरोपों को सत्यापित किया। जब ग्रामीणों को पता चला तो उन्होंने जिलाधिकारी को शपथ पत्र भेजकर कहा कि हमारे बयान कभी नहीं लिए गए। जांच अधिकारी की रिपोर्ट फर्जी है।
ग्राम प्रधान ने जवाब दाखिल करा दिया है
डीएम ने बताया कि जांच अधिकारी की रिर्पोट के बाद ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा जिला पंचायत राज अधिकारी के सामने सबूतों सहित अपना पक्ष रखने के आदेश दिये गये हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि 11 सितम्बर को नोटिस मिलने के बाद सबूतों सहित जवाब दाखिल कर दिया गया है।
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