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आतिशबाजी की दुकानों के लिए जारी हुआ दिशा निर्देश - Khabar NonStop

firecrackers-1बहराइच। आतिशबाजी की दुकानों के अस्थायी व स्थाई लाइसेंस धारकों के सम्बन्ध में  सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में जारी दिशा निर्देश की जानकारी दिया।

संतोष कुमार राय ने बताया

इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि विस्फोटक नियम 2008 के अन्तर्गत विस्फोटक सामग्री विषयक लाईसेंस एलई-5 फार्म मे निर्गत करते समय वर्तमान में लागू शर्तों के साथ-साथ  लाइसेंस शैल नाट पासेस एंड फायरवक्र्स आफ फारेग्न ओरिजिन, विशेष रूप से पैकजों एवं विस्फोटकों पर चिन्हांकन के सम्बन्ध में विस्फोटक नियम, 2008 के नियम 15 का और त्योहारों के दौरान आतिशबाजी के कब्जे और विक्रय के लिए अस्थायी दुकानों के सम्बन्ध में विस्फोटक, नियम 2008 के नियम 84 में उल्लिखित प्राविधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

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आयात को प्रतिबन्धित किय

उन्होंने बताया कि केवल वहीं पटाखों का विक्रय करेगा, जो पीईएसओ (पेट्रोलियम एण्ड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप एल्यूमीनियम, सल्फर, पोटैशियम व वेरियम का प्रयोग कर निर्मित हो, उन पटाखों का विक्रय नहीं करेगा, जिनमें एण्टीमनी, लिथियम, मर्करी, आरसेनिक, लेड और स्ट्रान्सियम क्रोमेट का प्रयोग हुआ हो। अनुज्ञप्ति धारक भारत सरकार की अधिसूचना जीएसआर संख्या 64ई का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे जो आतिशबाजी के आयात को प्रतिबन्धित किये जाने के सम्बन्ध में है।

विनियम पर नियंत्रण

बता दें की उन्होंने समस्त स्थाई व अस्थाई दुकानदारों को दुकान के सामने दुकान में रखे सभी साम्रग्रियों को विवरण नाम व मात्रा सहित एक नोटिस बोर्ड पर तैयार कर रखेगें। उन्होंने बताया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियम एवं नियंत्रण) नियम 2000 के अनुसार घोषित साइलेन्स जोन (अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला हेल्थ केयर सेन्टर, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थल एवं अन्य घोषित क्षेत्र) के 100 मीटर के अन्दर पटाखे न फोडे जाए।

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पटाखों के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाए

जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं निजी विद्यालयों के संगठन शैक्षणिक संस्थाओं में बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में संवेदनशील बनाया जाए एवं शिक्षित किया जाए। इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन, बड़े निजी अस्पताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक इस सम्बन्ध में एक परामर्शिका भी जारी किया जाए।

 



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