दलाई लामा ने की नैतिक शिक्षा कोर्स की शुरूआत - Khabar NonStop
मेरठ। डीएवी पब्लिक स्कूल में परम पावन दलाई लामा ने आर्युविज्ञान न्यास के सार्वभौमिक नैतिक शिक्षा कोर्स की शरूआत कर दी। इस मौके पर उन स्कूलों के प्रिंसिपल या फिर प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिनके यहां नैतिक शिक्षा कोर्स की शुरूआत हो चुकी है। परम पावन दलाई लामा ने नैतिक शिक्षा की किताब का विमोचन किया। इससे पहले तिब्बत के पांरपरिक तरीके से कार्यक्रम शुभारम्भ हुआ, इस दौरान बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति कुलभूषण बख्शी ने आर्युविज्ञान न्यास के बारें में विस्तार से जानकारी दी, उसके बाद वो पल आया, जिसका सबको बेसब्री से इतंज़ार था।
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गुरु दलाई लामा रहे मौजूद
नोबेल पुरस्कार विजेता और आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया और कहा कि 21वीं सदी के भारत को अहिंसक बनाने के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। क्योंकि किसी भी देश के लिए जिम्मेदारी सरकार की ही नहीं होती बल्कि ये एक कॉमन ज़िम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि किंडर स्कूलों से लेकर यूनिवसिटी तक में मॉडर्न एजूकेशन को बढ़ावा देना होगा, क्योंकि मॉरल वैल्यूज़ वाली एजूकेशन मस्तिष्क को शांति प्रदान करती है।
हिंदी चीनी भाई-भाई के रिश्तें को मज़बूत बनाना
वहीं, पिछले काफी समय से भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी किसी से छिपी नहीं है, डोकलाम में दोनों ओर से तैनात फौज और सड़क निर्माण को लेकर चीन की ओर से चल आ रहा गीदड़ भभकी का दौर अभी थमा नहीं है। कभी चीन का लगातार युद्वभ्यास करना या फिर हर रोज़ नए बयान जारी करना, इन सबके बीच तिब्बत के धर्मगुरू परम पावन दलाई लामा ने कहा कि भारत को चीन की ज़रूरत है और चीन को भारत की ज़रूरत है, इसलिए उनको साथ बैठकर बातचीत से हल निकालना चाहिए। यहां एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए परम पावन दलाई लामा ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत और चीन को एक बार फिर से हिंदी चीनी भाई-भाई के रिश्तें को मज़बूत करना होगा।
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