योगी राज में शिक्षकों की मनमानी - Khabar NonStop
मथुरा-प्रदेश में बिगड़ते शिक्षा के स्तर को सही करने में योगी सरकार विफल नजर आ रही है। शिक्षक और शिक्षाधिकारियों की मिली भगत से सर्व शिक्षा अभियान का नारा महज एक मखौल बनकर रह गया है। इन्हें देश के भविष्य नैनिहालों की कोई फिक्र नहीं है क्योंकि इनके खुद के बच्चें अच्छे कॉनवेंट स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो फिर इन्हें गरीब के बच्चों की पढ़ाई की चिंता क्यो होगी।
मध्य प्रदेश में ‘सर्व शिक्षा अभियान’ की खुली पोल, क्या ऐसे होंगे बच्चे शिक्षित ?
कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला मथुरा विकास खंड के गांव बढ़ौता के प्राथमिक विद्यालय नगला ब्राह्मण में जहां कहने को विद्यालय तो है लेकिन खुलता कब है ये पता नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में छात्र संख्या बहुत कम है। यहां प्रधान अध्यापिका गुंजन गौतम, सहायक अध्यापक मेघा मिश्र के अलावा एक शिक्षा मित्र नारायण सिंह की नियुक्ति है। ग्रामीण भगवत प्रसाद ने बताया कि विद्यायल माह में केवल एक या दो बार ही खुलता है उसके खुलने का भी कोई नियमित समय नहीं है। उनका कहना था कि विद्यालय न खुलने के कारण उसने मजबूरन अपने बच्चों का दाखिला प्राइवेट स्कूल में करा दिया है अब वह उस स्कूल की महंगी फीस देने में असमर्थ हैं इसलिए बच्चें पढ़ाई के अभाव में घर ही बैठे हैं। सरकारी स्कूल में टीचर पढ़ाने आते तो उनके बच्चें पढ़ जाते। महिला गुड्डी देवी ने बताया कि स्कूल में एक मैडम महिने में कभी कभार आती हैं। बच्चें स्कूल के बाहर रखे मिड-डे मील के खाने को खाकर अपने घर वापस चले जाते हैं। प्रधान प्रतिनिधि किशनवीर सिंह का कहना था कि, इस विद्यालय की शिकायत कई बार बीएसए एवं एबीएसए से कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पहचानना मुश्किल ! यूपी में शिक्षा अभियान चल रहा है या स्वच्छता
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