कितना जुगाड़ू है यह जुगाड़! - Khabar NonStop
शंभूनाथ शुक्ल
अपने देश में जुगाड़ की महिमा भी अपरंपार है। जुगाड़ के बूते बापू ने अंग्रेजों की बैंड बजा दी और उन्हें यहाँ से भागना पड़ा। जुगाड़ के ही बल पर भाजपा ने सरकार बना ली और नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बन गए। यही नहीं मज़ा देखिए कि जुगाड़ से आजिज़ आकर गोरों ने भी जुगाड़ के आगे शीश झुकाया और आक्सफोर्ड डिक्शनरी ने जुगाड़ शब्द को स्वीकार कर लिया। कहीं कोई काम अटका हो और सारे तीरंदाज़ फेल हों तो आप जुगाड़ का जुगाड़ करिए, आप पाएंगे काम हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने काला धन रोकने के लिए पिछले साल आठ नवम्बर को 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए, अब एक साल में नतीजा यह निकला है कि जुगाडुओं ने जुगाड़ लगाया और अपना काला धन सफ़ेद कर लिया पूरी सरकार बस जुगाड़ ही देखती रही।
आज मुझे भी जुगाड़ से रूबरू होना पड़ा। अपने घर से सेक्टर 16 तक शाम को टहलने के मकसद से निकला तो लौटते समय मोर के स्टोर में चला गया, वहां अरहर की दाल की कीमत 68 रूपये किलो देखी तो 5 किलो खरीद ली। दो किलो सेव भी ले लिए और डायजेस्टिव बिस्किट के कुछ पैकेट भी ले लिए। घर से निकलते वक़्त मैंने एक थैला पैंट की जेब में रख लिया था। अब जब बिल चुका कर उस थैले में सामान रखा तो लगा कि यह थैला लोड ले नहीं पाएगा और रास्ते में ही कहीं टूट जाएगा, मैंने काउंटर में खड़े बालक को अपनी समस्या बताई। उसने कहा- सर थैला तो मिल जाएगा लेकिन 35 रूपये लगेंगे। मैंने कहा- यार कोई जुगाड़ कर वर्ना यह सस्ती दाल तो काफी महंगी पड़ जाएगी। वह बोला- अच्छा सर करता हूँ और अंदर से प्लास्टिक की एक बोरी ले आया, सामान तो उसमें सुरक्षित हो गया लेकिन बोरी लेकर जाया कैसे जाए ? पैदल संभव नहीं था और रिक्शे वाला कम से कम 50 रूपये लेता।
मैंने उससे अनुरोध किया कि बालक कोई जुगाड़ कर वह फिर अंदर गया और एक चाकू लेकर आया उसने बोरी में ऊपर की तरफ दो होल कर दिए, अब वह बोरी एक थैले की तरह हो गई। मैंने उसे उठाया तो वह बड़ी सुभीते की लगी, उस बालक से मैंने पूछा- “लोकल लगते हो” बोला- ‘जी बुलंदशहर का हूँ।’ मैंने सवाल किया- “गुज्जर हो क्योंकि ऐसा जुगाड़ कोई लोकल गुज्जर वीर ही कर सकता है।” वह बोला- ‘नहीं जी पंडित हूँ।’ तब मुझे लगा कि भारत में जुगाड़ सब जातियों में समान रूप से विद्यमान है, अब यह सभी जगह है और जातियों तथा मज़हब से परे है। भारत की एकता का प्रतीक है यह जुगाड़! अब नेताओं के जुगाड़ के फेर से निकलना हो तो देशवासी जुगाड़ के बूते इन नेताओं के जुगाड़ को तार-तार कर दें।
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