एक बार फिर रूस ने वीटो पॉवर का किया प्रयोग, अमेरिका नाराज़ - Khabar NonStop
वाशिंगटन। रूस ने अमेरिका समर्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के एक प्रस्ताव पर वीटो पॉवर का इस्तेमाल किया। दरअसल अमेरिका ने सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की जांच कर रहे एकमात्र आधिकारिक मिशन की अवधि बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में एक प्रस्ताव पारित किया था। अमेरिका द्वारा लाये गए इस प्रस्ताव पर रूस ने वीटो का प्रयोग किया। इसके बाद अमेरिका ने रूस के इस कदम की कड़ी निंदा की है।
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‘दोस्त की रक्षा के लिए सबकुछ करेगा’
अमेरिका ने रूस पर सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की जांच कर रहे एकमात्र आधिकारिक मिशन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर वीटो के प्रयोग को लेकर हमला किया है। अमेरिका ने कहा कि मॉस्को ने पुनः इस बात को साबित कर दिया है कि वह अपने दोस्त की मदद करने में पीछे नहीं हटेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने अपने संवाददाता सम्मलेन में कहा कि रूस ऐसा कई बार कर चुका है। उन्होनें कहा कि रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ऐसे कई प्रस्तावों के पारित होने में बाधा पहुंचाई है।
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रूस को नहीं है रासायनिक हमलों की परवाह
आतंकवादियों और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के शासन समेत रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने वालों को जिम्मेदार ठहराने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरिका की तरफ एक प्रस्ताव लाया गया था। सुरक्षा परिषद में बहुमत का विरोध करने के लिए रूस ने आठवीं बार इस तरह से वीटो करने का फैसला लिया है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र संघ ने सीरिया को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ आगे आकर युद्धरत देश में शांति, स्थिरता और संप्रभुता बहाल करने के उद्देश्य से हमेशा प्रयासरत रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि रूस ने इस प्रक्रिया को बाधित कर पुनः साबित कर दिया है कि उसे रासायनिक हमलों की कोई परवाह नहीं है। इस प्रस्ताव के पारित होने से ज्वाइंट इन्वेस्टिगेटिव मेकैनिज्म के जनादेश को एक साल का विस्तार और मिल जाता। इसकी मान्यता 17 नवंबर को समाप्त हो रही है।
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