शिक्षक द्वारा आत्मदाह का प्रयास, हंगामा - Khabar NonStop
मऊ जिले के बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय परिसर में आज उस वक्त हडकंप और अफरा तफरी का माहौल हो गया जब एक शिक्षक ने बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में मिट्टी का तेल झिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर पहूँचे पुलिस और शिक्षको के बीच जमकर हंगामा और कहा सुनी हुई।
किसानों ने गन्ना क्रय केंद्र पर किया हंगामा
दरअसल, पूरा मामला जिले के मधुवन तहसील के फतेहपुर मंन्डाव ब्लाक के लखनौर प्राथमिक विघालय में तैनात शिक्षक रामवृझ यादव को सन 2008 में सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती मिली थी । लेकिन 2009 में शिक्षक की शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी से किया गया कि जिस शिक्षक की तैनाती सहायक अध्यापक के पद पर हुई है और उसके शैक्षणिक दस्तावेज मार्कशीट फर्जी है। शिकायत मिलने पर बेसिक विभाग की तरफ से शिक्षक के शैक्षणिक प्रमाणपत्रो की जाँच की गई तो हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट सही मिले लेकिन बीएससी की मार्कशीट जिस संस्थान से था उसने बताया कि फर्जी है । जिसको देखते हुए शिक्षक को निलम्बित कर दिया गया। जब शिक्षक का निलम्बन हो गया तो शिक्षक ने हाइकोर्ट में रीट दायर जिसके बाद हाइकोर्ट ने बेसिक विभाग को आदेश दिया कि उक्त शिक्षक को बहाल कर दिया जाए। कोर्ट के आदेशानुसार शिक्षक की नौकरी को बहाल कर दिया लेकिन हाईकोर्ट ने शिक्षक को तनख्वाह के लिए कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया। शिक्षक को 2010 में बहाल किया गया था लेकिन उसको कोई तनख्वाह शिक्षा विभाग की तरफ से नहीं दी गई। जिसको देखते हुए बेसिक विभाग ने शिक्षक को तैनात तो कर दिया लेकिन 2010 से अभी तक उसको तनख्वाह नहीं मिली है। इस पुरे मामले में शिक्षक अपनी लड़ाई लगातार लड़ता रहा लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और मामला लंबित पड़ा रहा। तनख्वाह नहीं मिलने से शिक्षक की स्थित दिनो दिन बदहाल होती गयी तो शिक्षक ने आज बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यलय में मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया जिसको देखते ही कार्यालय में मौजूद शिक्षको और पुलिस विभाग के लोगों ने शिक्षक को आत्मदाह करने से रोक लिया। पुछताछ में शिक्षक ने अपनी पूरी आपबीती मीडिया को बताया बीएसए पर गम्भीर आरोप लगाया है कि बीएसए मनमानी कर रहा है ।
शिक्षक को तनख्वाह नहीं मिलने के प्रकरण पर बीएसए ने कहा कि, शिक्षक रामवृझ यादव का मामला हाईकोर्ट में लम्बित है। प्रकरण में शिक्षक के बारे में शिकायत मिला था शिक्षक शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी है जिसकी जाँच होने पर शिक्षक का बीएससी का मार्कशीट फर्जी मिला था । जिसके आधार पर उनको निलम्बित कर दिया गया था। लेकिन हाइकोर्ट ने द्वारा शिक्षक को तैनाती करने का आदेस तो दिया लेकिन तन्ख्वाह के बारे में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला इसलिए तनख्वाह नहीं दिया गया। मामले में कोर्ट का जैसा आदेश होगा उसी आधार पर कार्यवाही की जायेगा। हालांकि, मामले में पत्रकारो ने सवाल किया कि एक शिक्षक आत्महत्या का प्रयास कर रहा था और आप अपने चेम्बर में बैठे रहे तो बीएसए ने कोई ठोस जबाव नही दिया । फिलहाल, शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने ले जाकर पुछताछ कर रही है । शिक्षक को गिरफ्तार करने सब इन्सपेक्टर ने कहा कि इस पूरे मामले कुछ भी नही बोल सकता हूँ ।
आतिशबाज़ी को लेकर दो पक्षो में मारपीट, हंगामा
from Latest News in Hindi http://ift.tt/2h1VY9Q
Comments
Post a Comment