अविश्वास प्रस्ताव के बाद सियासत तेज - Khabar NonStop
मऊ। मऊ जिले के बड़राव ब्लाक के ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद पूरे जनपद में राजनितिक सियासत तेज हो गयी है। भाजपा के ब्लाक प्रमुख का मामला होने के कारण जनपद के सभी बड़े और छोटे नेता इस अविश्वास प्रस्ताव को किसी भी कीमत पर अमली जामा नहीं पहनाने देना चाहते है। आज भाजपा के जिलाध्यक्ष समेत कई दिग्गज नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से मिलाकर सदस्यों को धमकाकर अपने पक्ष में करने और जबरदस्ती बंधक बनाने को लेकर मुलाक़ात की है। हालांकि पुलिस ने साफ़ तौर पर बंधक बनाने और जबरदस्ती की बात को सिरे से खारिज कर दिया है।
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53 सदस्य का अविश्वास प्रस्ताव
गौरतलब है की चार दिन पहले बड़राव ब्लाक प्रमुख के खिलाफ बीडीसी सदस्यों ने जिला अधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव सौपा है। जिसमें कुल 91 सदस्यों में से 53 सदस्य इस अविश्वास प्रस्ताव में शामिल है। अविश्वास प्रस्ताव के बाद से ही दूसरे खेमा के लोंगों ने सदस्यों को डरा धमाकर अपने पक्ष में करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया और इतना ही नहीं दो बीडीसी सदस्यों ने थाने में मुक़दमा भी दर्ज कराया है। हालांकि पुलिस कि जांच में पता चला कि सभी सदस्य अपनी मर्जी से गए है। चुकी भाजपा के ब्लाक प्रमुख का मामला है इस नाते जनपद के सभी नेता पुलिस प्रशाशन से मिलाकर जबरदस्ती इस अविश्वास प्रस्ताव को पारित कराने कि बात कह रहे है।
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इस मामले में पुलिस का कहना
आज भाजपा के बड़े नेताओं सहीत बड़ी संख्या में लोंगों ने पुलिस अधीक्षक से मिलाकर इस पूरे मामले को लेकर बात कि उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस कि भूमिका भी ठीक नहीं है और हम लोंगों ने प्रदेश स्तर पर पार्टी के नेताओं को इस पूरे मामले से अवगत कराया है और भारतीय जनता पार्टी कि सरकार में इस तरह से गुंडई और अराजकता नहीं चलेगी। वही इस पूरे मामले पर पुलिस ने बताया कि कल दोनों गुट आमने सामने हो गया था। जिसको लेकर पुलिस सतर्क है किसी भी बीडीसी सदस्य के साथ जबरदस्ती कि कोई बात नहीं सभी अपनी मर्जी से साथ है।
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