यहाँ पर बोलने में भी लागू है आरक्षण - Khabar NonStop
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सरपंच के पति ने बोलने में भी आरक्षण लगा दिया है। महिला आरक्षण के चलते सरपंच चुनी गयी महिला के पति ने ग्राम सभा में बात रखने के लिए भी आरक्षण लगा दिया। लोग उनकी इस दादागीरी से परेशान हैं। लोगों ने कहा कि यहाँ पर महिला सरपंच बस नाम की हैं, पंचायत पट नियंत्रण उनके पति का ही है। सरपंच पति ने आदिवासियों के अलावा अन्य जाति के लोगों को ग्राम सभा में बोलने पर ही रोक लगाने का फरमान जारी कर दिया। इतना ही नहीं फरमान तोड़ने वाले के खिलाफ पुलिस में एफआईआर की धमकी भी दे डाली।
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ग्रामीणों ने की शिकायत
ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत जिला प्रशासन से की है। रतावा गांव के गैर आदिवासी जाति के लोगों ने सरपंच पति की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शिकायत में सरपंच पति पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभिन्न विकास कार्यों में धांधली के खिलाफ लोग आवाज उठाना चाहते थे। शौचालय, प्रधानमंत्री आवास, सड़क सहित अन्य निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। इसके चलते ही सरपंच पति ने बोलने पर ही रोक लगा दी है। इसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है।
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सरपंच ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
सरपंच पार्वती का कहना है कि निर्माण कार्यों में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। सरपंच पति की दादागिरी की बात से भी पार्वती ने इनकार किया है। मामले में धमतरी कलेक्टर सीआर प्रसन्ना ने बताया कि रतावा गांव के ग्रामीणों की शिकायत मिली है। शिकायत पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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