जन्म के बाद छह माह तक शिशुओं को मां के दूध के अलावा कुछ न दें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने कहा कि स्तनपान नवजात मृत्यु को कम करने का सबसे आसान और सबसे अधिक प्रभावी तरीकों में से एक है और जन्म के बाद छह माह तक शिशुओं को मां के दूध के अलावा कुछ नहीं देना चाहिए।
त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व की भांति इस बार भी कल से आगामी सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा, जिसका एक मात्र उद्देश्य यह है कि मां के पहले दूध के महत्व को बढ़ावा मिले और शिशु के जन्म लेने के बाद छ: माह तक शिशु को मां के दूध के अलावा और कुछ भी नहीं दिया जाये। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध शिशु के लिए अमृत स्वरूप है। शिशु के जन्म के बाद उसकी खुराक को लेकर समाज में फैली भ्रान्तियां कई बार शिशु के लिए जानलेवा साबित होती हैं।
ऐसी ही भ्रान्तियों को समाज से दूर करने और जन्म के बाद शिशुओं की मौत को रोकने के लिए प्रदेश सरकार स्तनपान से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए सतत् प्रयासरत है। त्रिवेदी ने कहा कि स्तनपान नवजात मृत्यु को कम करने का सबसे आसान और सबसे अधिक प्रभावी तरीकों में से एक है। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि सभी स्वास्थ्य सुविधाएं बच्चे के अनुकूल बनें। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रसव के बाद, स्तनपान प्रत्येक बच्चे के लिए जन्म के पहले घंटे के भीतर शुरू किया जाये और इसके लिए माताओं को स्तनपान कराने के लिए विशेष रूप से परामर्श दिया जाये।
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