पानी के आगे बेबस किसान, डूब गई 50 बीघा फसल - Khabar NonStop
प्रतीकात्मक फोटो
सुलतानपुर। सुल्तानपुर के मुरली गांव के समीप चांदा रजबहा की पटरी मंगलवार को अचानक कट गयी। ओवरलोड चल रहे नहर का पानी देखते-ही-देखते खेतों में खड़ी फसलों तक पहुंच गया। दोपहर में हुई कटान की सूचना पाकर महकमें के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गये। पर, पानी के तेज रफ्तार के सामने उनकी एक न चली। पानी बंद करने के लिये उनकी कोशिश बेकार साबित हुई। नहर के पानी से दर्जनों बीघा धान की फसल पर संकट उत्पन्न हो गया है।
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पानी के आगे बेबस किसान
तहसील के विभिन्न गांवों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिये चांदा रजबहा काफी मुफीद साधन है। मंगलवार को रजबहा में पानी पूरे रो में था। दिन के करीब पौने 12 बजे अचानक मुरली गांव के समीप नहर की पटरी कट गयी। दिन होने के कारण ग्रामीणों को इसकी सूचना जल्दी मिल गयी। आनन-फानन में ग्रामीणों ने इसकी सूचना महकमें के कर्मचारियों को दी। सूचना पाकर कर्मी मौके पर पहुंचे। पर, पानी के तेज बहाव के आगे वे बेबस नजर आए। महकमें के अफसरों से बात करके नहर का पानी बंद कराया गया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद देरशाम तक पानी के बहाव पर काबू पाया जा सका। नहर का पानी गांव में करीब 50 बीघा फसलों तक पहुंच गया। जिससे फसलों के नुकसान की आशंका है।
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स्थानीय अधिकारियों ने नहीं उठाया फ़ोन
नहर के पानी से बृजेश मिश्र के दो बीघे की धान की फसल पानी में डूब गयी। इसके अलावा नहर के पानी से उदय प्रताप, राम प्रताप, हरेंद्र मिश्र आदि किसानों के खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। उधर, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय अफसरों ने कटान के वक्त उनका फोन नहीं उठाया। बाद में ग्रामीणों ने सीधे जिलाधिकारी को इसकी सूचना दी।
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