24 घंटे में 9 बच्चों की मौत से मचा हडकंप, कांग्रेस ने माँगा जवाब - Khabar NonStop
प्रतीकात्मक तस्वीर
अहमदाबाद। शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार रात के बीच को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 9 नवजात बच्चों की मौत हो गयी। बच्चों की मौत के बाद अस्पताल में हडकंप मच गया है। विपक्ष सरकार पर हमलवार हो गयी है। कांग्रेस ने गुजरात की रुपानी सरकार को बच्चों की मौत पर घेरा है। एक तरफ जहाँ मृतक बच्चों के परिवारीजन गम में दुबे हुए हैं वहीं कांग्रेस पार्टी इन बच्चों के मौत पर राजनीति कर इस मुद्दे को भुनाने में जुट गयी है। गौरतलब हो गुजरात में विधासभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए कोई भी पार्टी सरकार पर हमले का एक भी मौका छोड़ना नहीं चाहती।
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अस्पताल प्रशासन कर रहा असामान्य घटना से इनकार
इन बच्चों की मौत के बारे में अस्पताल प्रशासन किसी भी प्रकार की आसामान्य घटना से इनकार कर रहा है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में 5 बच्चे दूसरे अस्पतालों से यहाँ इलाज के लिए भेजे गए थे। 4 बच्चे यही सिविल अस्पताल में पैदा हुए थे। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक ये सभी बच्चे बेहद कमजोर थे और कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। इनका विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज चल रहा था।
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घटना पर राजनीति गरम
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 9 नवजात बच्चों की मौत के बाद इस घटना पर राजनीति शुरू हो गयी है। कांग्रेस इसको लेकर बीजेपी पर हमलावर हो गयी है। कांग्रेस ने रुपानी सरकार से इस घटना का जवाब माँगा है। वहीं कांग्रेसी नेता शक्ति सिंह गोहिल ने ट्वीट करके सरकार पर निशाना साधा। उन्होनें ट्वीट में लिखा कि गुजरात सरकार को इसके लिए अपनी जवाबदेही स्वीकार कर लेनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि रुपानी सरकार या तो यह स्वीकार करे कि ‘डॉक्टरों ने लापरवाही की या तो यह माने कि उनकी माताएं कुपोषित थीं।’ एक और कांग्रेस नेता ने घटना पर दुःख जताते हुए सरकार को इसका जिम्मेवार ठहराया है। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने घटना पर दुःख जाहिर करते हुए कहा कि, “एक दिन में 9 बच्चों की खबर सुनकर वे बेहद दुखी हैं, यह घटना सरकार के स्वास्थ्य के बारे में लापरवाह और सुस्त रवैए को उजागर करती है।”
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बच्चों का वजन कम होने से हुई मृत्यु
अस्पताल प्रशासन बच्चों का वजन कम होने उनकी मृत्यु होने की बात कर रहा है। इन बच्चों का वजन 1 किलो के लगभग था। जबकि स्वस्थ नवजात का वजन 2.5 किलो होना चाहिए। डाक्टरों ने बताया कि बच्चों को एसिफिक्सिया, एक्स्ट्रीम प्रीटर्म बर्थ एसिफिक्सिया और मेकोनियसम एस्पिरेशन सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारियाँ जन्म के समय से थीं। जानकारी के अनुसार 5 बच्चों को लुनावाड़ा, सुरेंदरनगर, मनसा, विरमगम और हिम्मतनगर के विभिन्न अस्पतालों से गंभीर हालत में सिविल अस्पताल अहमदाबाद में इलाज के लिए गंभीर स्थिति में रेफर किया गया था। यह गुजरात का सबसे अंतिम रेफरल सेंटर है।
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