दिल्ली: तीन बच्चों ने शादी-समारोहों में आतिशबाजी रोकने के लिए दायर की याचिका - Khabar NonStop
दिल्ली। अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव ने एक बार फिर से अपना रास्ताअपना लिया है। इन बच्चों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शादी पार्टियों के दौरान पटाखा जलाने पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने दिल्ली सरकार से इस पर विचार माँगा है। गौरतलब हो देश की सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। हालांकि इस आदेश का पालन सख्ती से नहीं हुआ था।
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इस साल दिवाली पर कम हुआ था प्रदूषण
गौरतलब हो दिल्ली सरकार ने भी धार्मिक समारोहों को छोड़कर सभी प्रकार के समारोहों में पटाखे पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। लेकिन दिल्ली सरकार के आदेश का पालन सख्ती के साथ नहीं हो पाया। लेकिन इन तीन बच्चों की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने दिवाली के दौरान पटाखे की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इस साल दिवाली में होने वाला प्रदूषण पिछले साल की तुलना में बेहद कम था। वकील गोपाल शंकरनारायणन के जरिए तीन बच्चों द्वारा दायर की गई एक नई याचिका में कहा गया, “1 नवंबर से शादी का मौसम शुरू होता है, इस समय शहर की हवा सबसे खराब है और ऐसे में शादी पार्टियों में आतिशबाजी होगी। यह क्रिसमस और नए साल के साथ से जनवरी और फरवरी तक जारी रहेगा, इसका प्रभाव भी काफी दिनों तक बना रहेगा।”
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प्रदूषण का सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों पर
उनकी दलील ने बताया कि प्रदूषण से बच्चों को सबसे ज्यादा बुरी तरह प्रभावित किया गया था, उन्होंने कहा, “बच्चों के फेफड़े पूरी तरह से विकसित नहीं हुए हैं, जिससे उनकी प्रणाली अधिक कमजोर हो जाती है और फेफड़े की बीमारी, अस्थमा, खाँसी, ब्रोंकाइटिस, और तंत्रिका तंत्र और संज्ञानात्मक हानि का खतरा उत्पन्न होता है। दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूदशादी पार्टियों में बड़े पैमाने पर अब भी पटाखे और आतिशबाजी का सिलसिला जारी है।”
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