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हाफिज की रिहाई पर अमेरिका सख्त, पकिस्तान की खुली पोल - Khabar NonStop

Pakistan

अमेरिका। शनिवार को व्हाइट हाउस ने कहा कि यूएसए-पाकिस्तान संबंधों के नतीजों का असर तब तक नहीं होगा, जब तक कि इस्लामाबाद मुम्बई में 2008 में हुए आतंकवादी हमले के एक मुक्त इस्लामी आतंकवादी आरोपी को हिरासत में लेने और आरोप लगाने के लिए कार्रवाई नहीं करेगा। हाफिज सईद को रिहा करने से पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता के बारे में एक गंभीर नकारात्मक संदेश दुनिया को गया है और पाकिस्तानी दावों की पोल खुल गयी है।

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पकिस्तान में मना जश्न

व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा, “अगर पाकिस्तान हाफिज सईद को गिरफ्तार कर उसके अपराधों का आरोप उसपर नहीं लगाता है, तो इसके निष्क्रियता के कारण द्विपक्षीय संबंधों और पाकिस्तान की वैश्विक प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा।” 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद शुक्रवार को कोई ठोस सबूत न होने की वजह से अपने घर पर नजरबन्द होने के बाद स्वतंत्र हो गए। हालांकि दुनिया के सभी देशों ने इसपर कठोर प्रतिक्रिया व्यक्त की। सईद की रिहाई पर पाकिस्तान में मिठाई बांटी गयी और केक काटकर उसकी रिहाई का जश्न मनाया गया।

अमेरिका ने रखा है 10 मिलियन डॉलर का इनाम

अमेरिका ने हाफिज सईद पर आतंक की गतिविधियों में उसकी भूमिका के लिए 10 मिलियन अमरीकी डालर का इनाम रखा है। पाकिस्तान सरकार ने उसे किसी भी मामले में दोषी न कहते हुए रिहा कर दिया। वह इस साल जनवरी के बाद से अपने घर में नजरबंद था। पंजाब प्रांत की न्यायिक समीक्षा बोर्ड, जिसमें लाहौर हाई कोर्ट के न्यायाधीश शामिल थे, सर्वसम्मति से सईद की रिहाई का आदेश दिया था।

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मेरी आवाज दबाने की कोशिश

सईद ने अपने रिहाई का जश्न मनाने के लिए अपने निवास के बाहर एकत्र हुए समर्थकों से कहा, “कश्मीर के लिए मेरी आवाज को रोकने के लिए मुझे केवल 10 महीने के लिए हिरासत में लिया गया था।” कश्मीर राग अलापते हुए सईद ने कहा, “मैं कश्मीरियों के मामले में लड़ता हूं। मैं कश्मीर के लिए पूरे देश के लोगों को इकट्ठा करूंगा और हम कश्मीरियों को स्वतंत्रता दिलाने में मदद करने का प्रयास करेंगे।” सईद ने कहा कि जब उन्होंने कश्मीरियों के लिए इस महीने जनवरी में एकजुट होने की घोषणा की तो उसे हिरासत में लिया गया।

कश्मीरियों के लिए लड़ता रहूँगा

सईद ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं कि मेरे खिलाफ कोई भी आरोप नहीं साबित हुआ इसलिए एलएंडसी के तीन न्यायाधीशों ने मेरी रिहाई का आदेश दिया। भारत ने मेरे खिलाफ निराधार आरोप लगाए हैं। एलएचसी की समीक्षा बोर्ड के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि मैं निर्दोष हूं।” उसने कहा, “मुझे भारत के दबाव के कारण हिरासत में लिया गया था। भारत ने संयुक्त राज्य के माध्यम से पाकिस्तान पर दबाव डाला था। इसका मुख्य कारण यह था कि मैं कश्मीर के मामले को लेकर आगे आया हूं”। भारत ने हमेशा मेरे खिलाफ प्रचार करने की कोशिश की है लेकिन हमें कश्मीर की स्वतंत्रता के लिए लड़ना होगा। हम कश्मीरी को भारतीय कब्जे से मुक्त करने के लिए सब कुछ करेंगे।”

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